अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की रकम को लेकर उठे विवाद ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। समाजवादी पार्टी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद भारतीय जनता पार्टी ने भी प्रतिक्रिया दी है। यूपी बीजेपी अध्यक्ष पंकज चौधरी ने इस मामले को मंदिर प्रशासन से जुड़ा विषय बताते हुए कहा कि इसका जवाब संबंधित ट्रस्ट और प्रशासन देगा, न कि सरकार।
राम मंदिर के चढ़ावे को लेकर अखिलेश यादव ने उठाए सवाल
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राम मंदिर में चढ़ावे की राशि को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर में चढ़ाई गई करोड़ों रुपये की रकम के संबंध में चिंताजनक जानकारी सामने आई है।
अखिलेश यादव ने कहा, “समस्त विश्व में भगवान राम के उपासकों के लिए ये एक बेहद संवेदनशील समाचार है कि ‘राम मंदिर’ के चढ़ावे की करोड़ों की रकम गायब पायी गई है.”
उनके इस बयान के बाद राजनीतिक और धार्मिक दोनों स्तरों पर चर्चा तेज हो गई है।
न्यायालय से स्वतः संज्ञान लेने की मांग
अखिलेश यादव ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए न्यायालय से स्वतः संज्ञान लेने का आग्रह किया है।
उन्होंने कहा, “ये मंदिर ट्रस्ट के लिए अत्यंत शर्मनाक स्थिति है. कोई भी सफ़ाई देने के लिए सामने नहीं आना चाहता है.”
सपा प्रमुख ने यह भी कहा कि यह मामला केवल वित्तीय अनियमितता का नहीं, बल्कि करोड़ों सनातन श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा हुआ विषय है। उन्होंने सरकार की चुप्पी पर भी सवाल उठाए।
पंकज चौधरी ने दिया जवाब
अखिलेश यादव के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए उत्तर प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि यह सरकार का विषय नहीं है और इस पर मंदिर प्रशासन ही जवाब देगा।
उन्होंने कहा कि हर राजनीतिक बयान का जवाब देना जरूरी नहीं है और इस मामले में संबंधित संस्थाएं स्थिति स्पष्ट करेंगी। पंकज चौधरी ने तंज कसते हुए कहा कि “अखिलेश यादव को जवाब थोड़े देते रहेंगे.”
राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने दी सफाई
विवाद बढ़ने के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से भी स्पष्टीकरण सामने आया है। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने आरोपों को लेकर विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि दान और चढ़ावे से जुड़े सभी कार्य नियमित ऑडिट प्रक्रिया के तहत किए जाते हैं।
चंपत राय ने कहा, “श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र अपने भिन्न-भिन्न कार्यों को ऑडिट समय-समय पर करता रहता है. हुंडी काउंटिंग (दान) कमरे का ऑडिट भी होता है. हुंडी काउंटिंग कमरे का ऑडिट राम तीर्थ क्षेत्र के न्यासीगण, कार्यकर्ता और स्टेट बैंक के कर्मचारी मिलकर करते हैं. ये कार्य कई दिनों तक चलता है. यहीं कार्य आजकल हो रहा है. कोई भी उल्लेखनीय बात किसी के भी ध्यान में अभी तक नहीं आई है.”
राजनीतिक बयानबाजी के बीच बढ़ी चर्चा
राम मंदिर देश की आस्था का एक प्रमुख केंद्र है, ऐसे में चढ़ावे और वित्तीय पारदर्शिता से जुड़े किसी भी मुद्दे पर स्वाभाविक रूप से व्यापक चर्चा होती है। एक ओर विपक्ष सवाल उठा रहा है, वहीं ट्रस्ट ने नियमित ऑडिट और पारदर्शी प्रक्रिया का हवाला देकर आरोपों को खारिज करने की कोशिश की है।
अब इस मुद्दे पर आगे क्या स्थिति बनती है और क्या कोई औपचारिक जांच होती है, इस पर राजनीतिक और सामाजिक दोनों क्षेत्रों की नजर बनी हुई है।















