राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की गिनती में सामने आई कथित अनियमितताओं पर चिंता व्यक्त की है। संघ ने कहा कि इस मामले में चल रही जांच अपने निर्णायक चरण तक पहुंचेगी और भविष्य में ऐसी किसी भी घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए, ताकि राम भक्तों की आस्था पर कोई आंच न आए।
बेलगावी में अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक में उठा मुद्दा
कर्नाटक के बेलगावी में 12 जुलाई को आयोजित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक में कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। तीन दिवसीय इस वार्षिक बैठक के दौरान अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की गिनती में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा भी प्रमुखता से सामने आया।
बैठक के बाद संघ ने इस पूरे मामले में कानूनी प्रक्रिया और जांच एजेंसियों पर भरोसा जताते हुए अपनी प्रतिक्रिया सार्वजनिक की।
तीर्थ क्षेत्र न्यास से भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने की अपेक्षा
बैठक के बाद जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि तीर्थ क्षेत्र न्यास के अनुरोध पर चल रही एसआईटी और पुलिस की कार्रवाई जल्द ही निर्णायक मोड़ पर पहुंचेगी।
प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया, “तीर्थ क्षेत्र न्यास से यह अपेक्षा की गई कि वह यह सुनिश्चित करे कि भविष्य में ऐसी कोई घटना न हो, जिससे समस्त राम भक्त राम मंदिर के प्रति श्रद्धा और गहरी आस्था पर आघात हो.”
कई राष्ट्रीय मुद्दों पर भी हुई चर्चा
बैठक के दौरान केवल राम मंदिर से जुड़े विषय ही नहीं, बल्कि जनसांख्यिकीय असंतुलन से जुड़ी चुनौतियां, ड्रग्स और नशामुक्ति अभियान तथा शिरोमणि रविदास महाराज की 650वीं जयंती वर्ष सहित कई अन्य सामाजिक और राष्ट्रीय विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
मोहन भागवत और दत्तात्रेय होसबाले समेत 226 कार्यकर्ता रहे मौजूद
इस बैठक में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले सहित कुल 226 कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। बैठक में मार्च 2026 के बाद विभिन्न स्तरों पर आयोजित होने वाले प्रशिक्षण शिविरों की भी समीक्षा की गई।
संघ के अनुसार, इस वर्ष देशभर में 83 संघ शिक्षा वर्ग और 12 कार्यकर्ता विकास वर्ग आयोजित किए गए, जिनमें कुल 18,842 स्वयंसेवकों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में शाखा संचालन, संघ की कार्यपद्धति, ग्राम विकास, कुटुंब प्रबोधन, आपदा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषय शामिल रहे।















