तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री पद पर 12 साल पूरे होने पर उन्हें शुभकामनाएं देकर राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है। खास बात यह है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब टीएमसी के कथित 19 बागी सांसदों की सूची सामने आने के बाद उनका नाम भी चर्चा में था। हालांकि शत्रुघ्न सिन्हा ने न केवल इस दावे को खारिज किया, बल्कि ममता बनर्जी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई।
पीएम मोदी को दी बधाई, सोशल मीडिया पर साझा की तस्वीर
भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने के मौके पर शत्रुघ्न सिन्हा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपनी तस्वीर साझा की। उन्होंने लिखा, ‘सच्चे खेल भावना के साथ हमारे मित्र, देश और समाज के मार्गदर्शक, माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को कार्यालय में 12 साल पूरे करने पर हार्दिक शुभकामनाएं. यह शायद अब तक का सबसे लंबा कार्यकाल है. हम आपके लंबे, स्वस्थ और समृद्ध जीवन की कामना करते हैं. जय हिंद!’
उनके इस संदेश ने राजनीतिक हलकों में कई तरह की अटकलों को जन्म दिया, क्योंकि हाल ही में टीएमसी के भीतर असंतोष और बागी सांसदों की चर्चाएं तेज हुई हैं।
बागी गुट में शामिल होने की अटकलों को किया खारिज
शत्रुघ्न सिन्हा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनका नाम जिस कथित बागी गुट से जोड़ा जा रहा है, उसमें कोई सच्चाई नहीं है। उन्होंने कहा, ‘मेरे बारे में बहुत कुछ कहा गया है. कुछ लोग कह रहे हैं कि मैं बागी गुट का हिस्सा हूं. यह सब सच नहीं है.”
उन्होंने साफ किया कि वह पार्टी नेतृत्व के साथ खड़े हैं और किसी भी तरह के विद्रोही समूह का हिस्सा नहीं हैं।
ममता बनर्जी के प्रति जताई अटूट निष्ठा
टीएमसी सांसद ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के प्रति अपनी निष्ठा दोहराते हुए कहा, ‘मैं दीदी का साथ कभी नहीं छोड़ूंगा.’ उन्होंने यह भी याद दिलाया कि राजनीतिक जीवन के कठिन दौर में ममता बनर्जी उनके साथ खड़ी रहीं और वह भी हर परिस्थिति में उनका साथ देंगे।
शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा, ‘मुश्किल समय में ममता बनर्जी मेरे साथ खड़ी रहीं. मैं भी कठिन समय में उनके साथ खड़ा रहूंगा. टीएमसी चीफ ममता बनराजी के कहने पर आसनसोल से लोकसभा चुनाव लड़ा था. मैं दीदी का साथ कभी नहीं छोड़ूंगा.’
भाजपा से कांग्रेस और फिर टीएमसी तक का राजनीतिक सफर
शत्रुघ्न सिन्हा का राजनीतिक सफर काफी दिलचस्प रहा है। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत भारतीय जनता पार्टी से की थी और लंबे समय तक पार्टी के प्रमुख नेताओं में शामिल रहे। वह केंद्र सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं।
हालांकि बाद में उन्होंने भाजपा से अलग राह चुनी और 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर पटना साहिब से चुनाव मैदान में उतरे, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद 2022 में उन्होंने तृणमूल कांग्रेस का दामन थामा और आसनसोल लोकसभा उपचुनाव में जीत दर्ज की। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में भी उन्होंने टीएमसी उम्मीदवार के रूप में आसनसोल सीट अपने नाम बरकरार रखी।
पीएम मोदी की तारीफ के बीच क्या है राजनीतिक संदेश?
पीएम मोदी की खुलकर प्रशंसा और साथ ही ममता बनर्जी के प्रति वफादारी दोहराने वाले शत्रुघ्न सिन्हा के बयान ने राजनीतिक विश्लेषकों का ध्यान खींचा है। एक तरफ उन्होंने प्रधानमंत्री को बधाई देकर सकारात्मक संदेश दिया, वहीं दूसरी ओर बागी गुट से दूरी बनाते हुए यह स्पष्ट कर दिया कि फिलहाल उनकी राजनीतिक प्रतिबद्धता टीएमसी और ममता बनर्जी के साथ ही है।















