उत्तर प्रदेश के परंपरागत हुनर से लेकर आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग तक की ताकत शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा में आयोजित यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के चौथे संस्करण में देखने को मिली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने ट्रेड शो का शुभारंभ किया। इस बार 90 देशों से 600 से अधिक विदेशी खरीदार पहुंचे हैं, जबकि 2,400 से ज्यादा एग्जीबिटर्स अपने उत्पादों के साथ इसमें हिस्सा ले रहे हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश के उत्पादों की गुणवत्ता, मजबूत सप्लाई चेन और यहां के उद्यमियों की विश्वसनीयता पर दुनिया का भरोसा बढ़ा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश वर्तमान में दो लाख करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात कर रहा है।
चार साल में बड़ा ग्लोबल बिजनेस प्लेटफॉर्म बना ट्रेड शो
मुख्यमंत्री ने कहा कि चार वर्षों में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो प्रदेश में तैयार होने वाले उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने का बड़ा मंच बन गया है। पिछले वर्ष 72 देशों से 550 बायर्स इसमें शामिल हुए थे, जबकि इस बार 90 देशों से 600 से अधिक विदेशी खरीदार पहुंचे हैं। आयोजन में करीब डेढ़ लाख B2B विजिटर्स के शामिल होने की संभावना है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बढ़ती वैश्विक भागीदारी उत्तर प्रदेश के कारीगरों के हुनर, युवाओं के इनोवेशन, MSME सेक्टर और किसानों की मेहनत के प्रति बढ़ते भरोसे को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि जो अपनी जड़ों से जुड़कर दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर चलता है, दुनिया उसे फॉलो करती है। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में ट्रेडिशन और टेक्नोलॉजी, हेरिटेज और इनोवेशन तथा हुनर और बाजार की ताकत एक साथ दिखाई देती है।
अमित शाह की परंपरागत उद्यमों की सोच को CM ने बताया प्रेरणा
मुख्यमंत्री ने अमित शाह को उत्तर प्रदेश के परंपरागत उद्यमों को नई पहचान देने वाली सोच का प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहते हुए अमित शाह ने उत्तर प्रदेश के लोक कल्याण संकल्प पत्र के निर्माण के दौरान प्रदेश के परंपरागत उद्यमों की क्षमता को पहचाना था।
योगी आदित्यनाथ के मुताबिक, उनका मानना था कि जिस दिन उत्तर प्रदेश अपनी इस ताकत को पहचान लेगा, उस दिन उसे मैन्युफैक्चरिंग के नए हब के रूप में आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक पाएगा। सरकार बनने के बाद इसी सोच को वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट यानी ODOP के रूप में आगे बढ़ाया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में संभावनाओं की कभी कमी नहीं रही, लेकिन जरूरत स्थानीय क्षमता को पहचानने, उचित माहौल देने और उसे बड़े बाजार तक पहुंचाने की थी। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक कारीगरों को जरूरी संसाधन, बाजार और मंच नहीं मिल सका, जिसके कारण नई पीढ़ी अपने पुश्तैनी हुनर से दूर होने लगी। सरकार ने जिलों, गांवों और स्थानीय क्लस्टर में मौजूद हुनर को पहचानकर उसे आगे बढ़ाने का अवसर दिया।
79 उत्पादों को GI Tag, 75 नए उत्पादों के आवेदन
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि उत्तर प्रदेश के MSME क्षेत्र के 79 उत्पादों को GI Tag मिल चुका है, जबकि 75 नए उत्पादों के लिए आवेदन किया गया है। उन्होंने भदोही के कालीन, मुरादाबाद के पीतल, कन्नौज के इत्र और वाराणसी की सिल्क साड़ियों का उदाहरण देते हुए कहा कि प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत अब बड़े कारोबार वाले ब्रांड में बदल रही है।
ODOP, PM Vishwakarma और विश्वकर्मा श्रम सम्मान जैसी योजनाओं के जरिए कारीगरों को प्रशिक्षण, टूलकिट, ऋण, ब्रांडिंग और बाजार से जोड़ने का काम किया गया है। ट्रेड शो में कारीगर और उद्यमी सीधे ग्लोबल बायर्स के सामने अपने उत्पाद पेश कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि टैलेंट और ट्रेडिशन को टेक्नोलॉजी से जोड़ा गया है। गुणवत्ता, डिजाइन, पैकेजिंग, सर्टिफिकेशन, ब्रांडिंग और मार्केटिंग के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को देश और विदेश के बाजारों की जरूरत के अनुरूप तैयार किया गया। एक्सप्रेसवे, हाईवे, एयरपोर्ट, फ्रेट कॉरिडोर और औद्योगिक ढांचे के विस्तार से भी स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिली है।
जापान समेत 6 देश पार्टनर कंट्री
यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में जापान, वियतनाम, रूस, सिंगापुर, ऑस्ट्रिया और बेलारूस पार्टनर कंट्री के रूप में शामिल हुए हैं। इन देशों के विशेष पवेलियन भी लगाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन देशों की भागीदारी से द्विपक्षीय व्यापारिक संबंधों को नई दिशा मिल सकती है और रणनीतिक साझेदारी, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर तथा ज्वाइंट वेंचर के अवसर बढ़ सकते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विभिन्न देशों के साथ हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का लाभ उठाकर उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को यहां उत्पादन करने और प्रदेश से वैश्विक बाजार तक पहुंच बनाने का अवसर दे रहा है।
एक ही ई-कार्ट से ट्रेड शो देखने पहुंचे शाह और योगी
कार्यक्रम की शुरुआत अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करके की। मुख्यमंत्री ने अमित शाह को फिरोजाबाद के ODOP के तहत ओपल ग्लास से तैयार राधा-कृष्ण की प्रतिमा भेंट की।
इसके बाद दोनों नेता एक ही ई-कार्ट से ट्रेड शो के अलग-अलग स्टॉल देखने पहुंचे। उन्होंने विभिन्न स्टॉल पर रुककर उत्पादों को देखा और उद्यमियों से उनके बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अमित शाह की मौजूदगी में ‘एक जनपद एक व्यंजन’ ODOC पोर्टल का शुभारंभ भी किया।
एक करोड़ से ज्यादा MSME इकाइयां दे रहीं रोजगार
MSME मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो उत्तर प्रदेश का ब्रांड बन चुका है। उन्होंने बताया कि ट्रेड शो में विभिन्न देशों के खरीदारों के साथ B2B बैठकें होंगी और प्रदेश के छोटे उत्पादों को ग्लोबल एक्सपोजर मिलेगा।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में एक करोड़ से अधिक MSME इकाइयां तीन करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार दे रही हैं। कृषि के बाद MSME क्षेत्र प्रदेश में सबसे अधिक रोजगार देने वाला क्षेत्र है। ODOP और विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत अब तक छह लाख से अधिक हस्तशिल्पियों को प्रशिक्षण और उन्नत टूलकिट का लाभ मिल चुका है। 14 नए ट्रेड जोड़ने के बाद अब 25 ट्रेड को प्रशिक्षण और उन्नत टूलकिट से जोड़ा गया है। उद्यमियों को बिना ब्याज और गारंटी के ऋण उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की गई है।















