Election Commission of India द्वारा कराए गए मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण के बाद उत्तर प्रदेश की फाइनल वोटर लिस्ट जारी कर दी गई है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी Navdeep Rinwa ने 10 अप्रैल को लखनऊ में प्रेस वार्ता कर बताया कि अब राज्य में कुल 13 करोड़ 39 लाख 84 हजार 792 मतदाता हैं।
इनमें 7 करोड़ 30 लाख 71 हजार 61 पुरुष और 6 करोड़ 9 लाख 9 हजार 525 महिला मतदाता शामिल हैं।
ड्राफ्ट लिस्ट के मुकाबले बड़ा इजाफा
6 जनवरी 2026 को जारी ड्राफ्ट लिस्ट में कुल 12 करोड़ 55 लाख 56 हजार 25 मतदाता थे। यानी फाइनल लिस्ट में बड़ी संख्या में नए वोटर्स जुड़े हैं। यह बढ़ोतरी आगामी 2027 चुनावों के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है।
इन जिलों में सबसे ज्यादा बढ़े वोटर्स
मतदाता वृद्धि के मामले में कुछ जिले सबसे आगे रहे हैं।
- प्रयागराज: 3,29,421
- लखनऊ: 2,85,961
- बरेली: 2,57,920
- गाजियाबाद: 2,43,666
- जौनपुर: 2,37,590
विधानसभा स्तर पर भी बड़ा बदलाव
विधानसभावार आंकड़ों में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
- साहिबाबाद: 82,898
- जौनपुर: 56,118
- लखनऊ पश्चिम: 54,822
- लोनी: 53,679
- फिरोजाबाद: 47,757
ये आंकड़े 6 जनवरी की ड्राफ्ट लिस्ट की तुलना में सामने आए हैं।
166 दिन चला विशेष पुनरीक्षण अभियान
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि एसआईआर की यह पूरी प्रक्रिया 166 दिनों तक चली। पहले चरण में घर-घर जाकर फॉर्म वितरित किए गए और 26 दिसंबर को यह चरण पूरा हुआ। इसके बाद जनवरी में ड्राफ्ट लिस्ट जारी की गई और 6 जनवरी से दो महीने तक दावे और आपत्तियों के लिए समय दिया गया।
नाम नहीं है तो ऐसे जुड़ें
अगर किसी मतदाता का नाम फाइनल लिस्ट में नहीं है, तो वह फॉर्म-6 भरकर अपना नाम जुड़वा सकता है। आयोग के अनुसार मतदाता सूची एक सतत प्रक्रिया है और इसमें समय-समय पर संशोधन होता रहता है।
सियासी घमासान भी तेज
वोटर लिस्ट जारी होने के साथ ही राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। Samajwadi Party ने आरोप लगाया है कि कई मतदाताओं के नाम जानबूझकर हटाए गए हैं, जबकि Bharatiya Janata Party ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि विपक्ष को संवैधानिक संस्थाओं पर भरोसा नहीं है।
2027 चुनाव से पहले क्यों अहम है यह लिस्ट
यह मतदाता सूची 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बढ़े हुए वोटर्स और नए जुड़ाव से चुनावी समीकरणों पर बड़ा असर पड़ सकता है।














