Political News: छठ पर्व के दौरान ट्रेनों में भारी भीड़ और अव्यवस्था को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने कहा कि सरकार ने त्योहारों के मौसम में 12,000 स्पेशल ट्रेनें चलाने का झूठा दावा किया और बिहारवासियों की आस्था के साथ खिलवाड़ किया है।
बिहार जाने वाली ट्रेनें ठसाठस भरी हैं – राहुल गांधी
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर एक वीडियो साझा करते हुए लिखा,
“त्योहारों का महीना है — दिवाली, भाईदूज, छठ। बिहार में इन त्योहारों का मतलब सिर्फ आस्था नहीं, बल्कि घर लौटने की लालसा है — मिट्टी की खुशबू, परिवार का स्नेह, गांव का अपनापन। लेकिन यह लालसा अब एक संघर्ष बन चुकी है।”
उन्होंने आगे कहा,
“बिहार जाने वाली ट्रेनें ठसाठस भरी हैं, टिकट मिलना असंभव है और सफर अमानवीय हो गया है। कई ट्रेनों में क्षमता से 200 प्रतिशत तक यात्री सवार हैं। लोग दरवाजों और छतों तक पर लटककर यात्रा कर रहे हैं।”
त्योहारों का महीना है – दिवाली, भाईदूज, छठ।
बिहार में इन त्योहारों का मतलब सिर्फ़ आस्था नहीं, घर लौटने की लालसा है – मिट्टी की खुशबू, परिवार का स्नेह, गांव का अपनापन।लेकिन यह लालसा अब एक संघर्ष बन चुकी है। बिहार जाने वाली ट्रेनें ठसाठस भरी हैं, टिकट मिलना असंभव है, और सफ़र… pic.twitter.com/hjrYJJFJ0F
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) October 25, 2025
कहां हैं 12,000 स्पेशल ट्रेनें?
राहुल गांधी ने सरकार से सवाल किया कि “आखिर ये 12,000 ट्रेनें कहां हैं?”
उन्होंने कहा कि रेल मंत्रालय ने 1 अक्टूबर से 30 नवंबर, 2025 के बीच 12,011 रेल यात्राओं (रेलगाड़ियों के फेरों) की घोषणा की थी, जिसमें प्रतिदिन औसतन 196 विशेष ट्रेनें चलाने की बात कही गई थी।
राहुल ने कहा कि ये आंकड़े सिर्फ कागजों तक सीमित हैं, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है।
उन्होंने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा,
“फेल डबल इंजन सरकार के दावे खोखले हैं। हर साल स्थिति बदतर होती जा रही है। क्यों बिहार के लोग हर साल ऐसे अपमानजनक हालात में घर लौटने को मजबूर हैं?”
रोजगार का मुद्दा भी उठाया
राहुल गांधी ने कहा कि अगर बिहार में रोजगार और सम्मानजनक जीवन होता, तो लोगों को हजारों किलोमीटर दूर भटकना नहीं पड़ता।
उन्होंने लिखा,
“ये सिर्फ मजबूर यात्री नहीं, बल्कि एनडीए की धोखेबाज नीतियों और नियत का जीता-जागता सबूत हैं। सुरक्षित और सम्मानजनक यात्रा हर नागरिक का अधिकार है, कोई एहसान नहीं।”
“सिर्फ 1,500 ट्रेनें चलीं, वादे हुए झूठे” – अखिलेश प्रसाद सिंह
राज्यसभा सदस्य और कांग्रेस नेता अखिलेश प्रसाद सिंह ने भी सरकार पर करारा प्रहार किया। उन्होंने कहा,
“छठ लोक आस्था का सबसे बड़ा पर्व है, और यह बिहारवासियों के लिए अत्यंत विशेष है। जब प्रधानमंत्री मोदी और रेल मंत्री ने कहा कि 12,000 ट्रेनों से लोगों को घर पहुंचाया जाएगा, तो बहुत राहत मिली थी, लेकिन हकीकत में सिर्फ 1,500 ट्रेनें चलाई गईं।”
उन्होंने आरोप लगाया कि यह झूठ चुनाव के समय वोट बटोरने की साजिश थी।
“यह कोई पहला मौका नहीं है जब प्रधानमंत्री मोदी ने बिहार और उसकी जनता से विश्वासघात किया हो। अब वही काम उनके साथी नीतीश कुमार भी कर रहे हैं।”











