अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को दावा किया कि वे पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच चल रहे तनाव को बहुत जल्द खत्म कर देंगे। ट्रंप ने यह बात मलेशिया में आयोजित कंबोडिया–थाईलैंड शांति समझौते के हस्ताक्षर समारोह के दौरान कही।
ट्रंप ने कहा, “जैसा कि आप जानते हैं, मेरी सरकार ने सिर्फ आठ महीनों में आठ युद्ध खत्म किए हैं। हम हर महीने एक युद्ध खत्म कर रहे हैं। अब सिर्फ एक बचा है — पाकिस्तान और अफगानिस्तान का विवाद — लेकिन मैं उसे भी बहुत जल्दी सुलझा लूंगा।”
उन्होंने बताया कि हाल ही में दोनों देशों के बीच सीमा पर झड़पें हुई हैं, लेकिन उन्हें पाकिस्तान और अफगानिस्तान दोनों के नेताओं पर भरोसा है कि यह मामला जल्द सुलझ जाएगा। ट्रंप ने कहा, “बाकी राष्ट्रपति युद्ध शुरू करते हैं, लेकिन हम उन्हें खत्म करते हैं — यही फर्क है।”
पाकिस्तान–अफगानिस्तान सीमा पर बढ़ा तनाव
हाल के हफ्तों में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच डूरंड रेखा पर झड़पें बढ़ी हैं। यह 2,611 किलोमीटर लंबी सीमा ब्रिटिश शासनकाल में तय की गई थी, जिसे अफगानिस्तान ने अब तक औपचारिक रूप से मान्यता नहीं दी।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान ने हाल ही में अफगानिस्तान के आतंकी ठिकानों पर ड्रोन और फाइटर जेट्स से हमले किए हैं, जबकि तालिबान लड़ाकों ने कई सीमाई चौकियों पर कब्जा कर लिया है।
कंबोडिया–थाईलैंड शांति समझौते में ट्रंप की भूमिका
ट्रंप कंबोडिया और थाईलैंड के बीच हुए ऐतिहासिक शांति समझौते के मौके पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा, “हमने वो कर दिखाया जो लोग असंभव मानते थे। इस समझौते से लाखों लोगों की जान बची है — यह दक्षिण-पूर्व एशिया के लिए ऐतिहासिक दिन है।”
उन्होंने दोनों देशों के नेताओं की “साहसिक पहल” की सराहना करते हुए कहा कि अमेरिका ने इस समझौते को संभव बनाने में अहम भूमिका निभाई है।
फोन कॉल से रोका 32 साल पुराना संघर्ष
ट्रंप ने बताया कि इस साल की शुरुआत में कंबोडिया और थाईलैंड के बीच सीमा पर 32 साल पुराना संघर्ष फिर से भड़क गया था, लेकिन उन्होंने दोनों नेताओं से फोन पर बात कर हिंसा रुकवाई।
उन्होंने कहा, “मैं उस समय स्कॉटलैंड में था और पूरे दिन फोन पर दोनों से बात करता रहा। यह अविश्वसनीय था कि सब कुछ कितनी जल्दी सुलझ गया।”
ट्रंप ने यह भी बताया कि अमेरिका ने इस शांति संधि के साथ कंबोडिया के साथ व्यापारिक समझौता और थाईलैंड के साथ क्रिटिकल मिनरल्स पर करार किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका इन दोनों देशों के साथ शांति कायम रहने तक मजबूत व्यापारिक संबंध बनाए रखेगा।











