Lucknow News: चुनाव आयोग द्वारा देशभर के 12 राज्यों में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) यानी मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण की घोषणा के बाद, समाजवादी पार्टी (सपा) ने बड़ा राजनीतिक दांव चला है। पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार को ‘PDA प्रहरी’ नियुक्त करने का ऐलान किया है, जो पूरे प्रदेश में वोटर लिस्ट से जुड़ी हर गतिविधि पर नज़र रखेंगे।
वोटर लिस्ट पर नजर रखेंगे ‘PDA प्रहरी’
पार्टी सूत्रों के मुताबिक ये प्रहरी हर ब्लॉक और विधानसभा स्तर पर सक्रिय रहेंगे। उनका मुख्य कार्य फॉर्म-6 (नए मतदाता जोड़ना) और फॉर्म-7 (नाम हटाना) की प्रक्रिया की निगरानी करना होगा ताकि PDA समुदायों के वोटरों के नाम गलती से या जानबूझकर न हटाए जाएं।
सपा का कहना है कि इन प्रहरियों की मदद से पार्टी यह सुनिश्चित करेगी कि हर व्यक्ति को उसके वोट का अधिकार मिले और लोकतंत्र सुरक्षित रहे।
अखिलेश यादव ने ट्वीट कर दी जानकारी
अखिलेश यादव ने अपने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर लिखा —
“सबको उसके वोट का अधिकार दिलवाना है, हर वोट का प्रहरी बनकर लोकतंत्र बचाना है।”
साथ ही उन्होंने #पीडीए_प्रहरी हैशटैग का उपयोग किया, जिससे सपा कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अखिलेश यादव का यह कदम 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारी का हिस्सा है। सपा किसी भी तरह से वोटर लिस्ट में गड़बड़ियों को लेकर जोखिम नहीं उठाना चाहती।
12 राज्यों में शुरू होगा SIR का दूसरा चरण
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को SIR के दूसरे फेज की शुरुआत की घोषणा की थी। यह प्रक्रिया उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल समेत अंडमान-निकोबार, लक्षद्वीप और पुडुचेरी में चलेगी।
इस अभियान में दोहरी प्रविष्टियों या अवैध नामों को हटाने और नए योग्य मतदाताओं को जोड़ने पर जोर रहेगा। हालांकि, विपक्ष ने इस प्रक्रिया पर चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाए हैं।
सपा ने साधा विपक्षी सुर
बिहार में SIR को लेकर पहले ही विपक्षी दलों ने ऐतराज जताया था, और अब उत्तर प्रदेश में भी इस मुद्दे के राजनीतिक गर्माने की पूरी संभावना है।
अखिलेश यादव का PDA प्रहरी अभियान इस बात का संकेत है कि सपा अब वोटर लिस्ट की पारदर्शिता और मताधिकार संरक्षण को लेकर राज्यभर में बड़ा अभियान चलाने वाली है।











