उत्तर प्रदेश के स्कूलों में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के गायन को अनिवार्य करने के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के फैसले पर अब तीखी राजनीतिक बहस शुरू हो गई है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा इस निर्णय पर तंज कसने के बाद, सीएम योगी ने इस विरोध पर अपनी पहली और सख्त प्रतिक्रिया दी है।
“खाएंगे हिंदुस्तान में, लेकिन वंदे मातरम् नहीं गाएंगे”
बाराबंकी में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, सीएम योगी आदित्यनाथ ने विरोधियों पर सीधे निशाना साधा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जो भी ‘वंदे मातरम्’ का विरोध कर रहा है, वह “भारत माता का विरोध कर रहा है।”
मुख्यमंत्री ने तीखे शब्दों में कहा: “इन चेहरों को पहचानो, जो शासकीय योजना में हड़पने की होड़ में पहली लाइन में खड़े होते हैं, लेकिन जब ‘वंदे मातरम्’ गान की बात होती है तो कहते हैं कि हम नहीं गाएंगे।”
उन्होंने आगे कहा, “आज भी कुछ लोग हैं, रहेंगे हिंदुस्तान में, खाएंगे हिंदुस्तान में, लेकिन ‘वंदे मातरम्’ नहीं गाएंगे, हम उनकी मंशा को समझें। जो लोग ‘वंदे मातरम्’ का विरोध कर रहे हैं, वे भारत माता का विरोध कर रहे हैं।”
राष्ट्रीय सुरक्षा और एकता को रखा सर्वोपरि
सीएम योगी ने राष्ट्रीय एकता और सुरक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि, “हम जिएंगे तो देश के लिए, मरेंगे तो देश के लिए और कुछ भी योगदान देंगे तो राष्ट्र हमारे लिए प्रथम होगा। राष्ट्रीय सुरक्षा और राष्ट्रीय एकता के मार्ग में हमारी व्यक्तिगत दुश्मनी और मित्रता बाधा नहीं बननी चाहिए।”
मुख्यमंत्री ने इस वर्ष के महत्व का भी जिक्र किया: “श्रद्धेय ‘सरदार साहब’ की जयंती के 150 वर्ष पूर्ण होने के साथ ही भारत के राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ ने भी अपनी रचना के 150वें वर्ष में प्रवेश किया है। यह महज संयोग नहीं, बल्कि ‘नए भारत’ का दिग्दर्शन कराने वाला वर्ष है।”
बाराबंकी को दीं ₹1,734 करोड़ की सौगातें
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने जनपद बाराबंकी को विकास परियोजनाओं का तोहफा भी दिया। उन्होंने ₹1,734 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया और लोक-कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को चेक/प्रमाण-पत्र वितरित किए। उन्होंने बाराबंकी के किसानों का अभिनंदन करते हुए यह भी घोषणा की कि रामसनेही घाट के पास 232 एकड़ क्षेत्रफल में एक औद्योगिक क्षेत्र के विकास का कार्य शुरू किया जाएगा।














