पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले चुनाव आयोग और पुलिस प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। बिधाननगर इलाके में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व पार्षद निर्मल दत्ता को बुधवार (15 अप्रैल, 2026) को कथित तौर पर वोटरों को डराने, धमकाने और प्रभावित करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया।
BJP उम्मीदवार की शिकायत के बाद हुआ एक्शन
यह कार्रवाई भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बिधाननगर विधानसभा सीट से उम्मीदवार शरदवत मुखर्जी की शिकायत के बाद की गई। न्यूज एजेंसी IANS के मुताबिक, शरदवत मुखर्जी ने मंगलवार (14 अप्रैल, 2026) को चुनाव आयोग से संपर्क किया और बिधाननगर पुलिस कमिश्नर से मिलकर निर्मल दत्ता के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की और आरोपी को हिरासत में ले लिया।
बताया जा रहा है कि निर्मल दत्ता की पत्नी बिधाननगर नगर निगम के वार्ड नंबर 38 से तृणमूल कांग्रेस की वर्तमान पार्षद हैं, जिससे मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है।
जनसभा में दिए बयान से बढ़ा विवाद
रिपोर्ट के अनुसार, विवाद की शुरुआत सोमवार (13 अप्रैल, 2026) को सॉल्ट लेक में आयोजित एक बैठक से हुई। इस दौरान निर्मल दत्ता को यह कहते हुए सुना गया, ‘हमें पता चल जाएगा कि दत्ताबाद इलाके के लोग कौन हैं और वे कहां वोट देते हैं, हमारे पास उन सभी के आधार कार्ड और वोटर कार्ड हैं.’ इस बयान को लेकर भाजपा उम्मीदवार ने इसे मतदाताओं को डराने की कोशिश बताते हुए शिकायत दर्ज कराई।
24 घंटे में गिरफ्तारी, कोर्ट ने भेजा जेल
शिकायत के 24 घंटे के भीतर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए निर्मल दत्ता को गिरफ्तार कर लिया। बुधवार (15 अप्रैल, 2026) को उन्हें बिधाननगर कोर्ट में पेश किया गया, जहां सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी को 10 दिनों की ज्यूडिशियल कस्टडी में भेजने का आदेश दिया।
चुनाव से पहले सख्ती के संकेत
इस कार्रवाई को चुनाव से पहले प्रशासन की सख्ती के तौर पर देखा जा रहा है। चुनाव आयोग साफ कर चुका है कि किसी भी तरह से मतदाताओं को प्रभावित करने या डराने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।














