उत्तर प्रदेश की राजनीति में महिला आरक्षण को लेकर नया मोड़ आ गया है। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष और योगी सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने बसपा प्रमुख मायावती की मांग का समर्थन करते हुए बीजेपी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के 33% आरक्षण में एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग की महिलाओं को अलग से हिस्सा मिलना चाहिए।
“मायावती की मांग बिल्कुल जायज”
मीडिया से बातचीत में ओम प्रकाश राजभर ने साफ कहा, “बसपा प्रमुख की मांग बिल्कुल जायज है और सांसदों को संसद में यह बात उठानी चाहिये.” उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि जिस तरह त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में आरक्षण लागू होता है, उसी तरह लोकसभा और विधानसभाओं में भी व्यवस्था होनी चाहिए।
महिला आरक्षण पर नया दबाव
राजभर के इस बयान से बीजेपी पर दबाव बढ़ता दिख रहा है, क्योंकि सहयोगी दल के मंत्री का यह रुख राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। इससे पहले मायावती ने भी यही मांग उठाते हुए कहा था कि बिना अलग कोटा के महिला आरक्षण का उद्देश्य अधूरा रह जाएगा।
उन्होंने कहा था, “ऐसा न होना महिला आरक्षण के वास्तविक उद्देश्य को काफी हद तक नकारने जैसा है.”
अखिलेश यादव पर साधा निशाना
ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “अखिलेश यादव निश्चित रूप से महिला विरोधी हैं. जब उन्होंने अपनी पत्नी को लेकर एक मौलाना के वक्तव्य पर कोई टिप्पणी नहीं की, तो समझ सकते हैं कि वे महिलाओं के प्रति कितना समर्पित हैं. वह नहीं चाहते हैं कि महिलाओं को बराबर का अधिकार मिले.”
विशेष सत्र में विपक्ष से मजबूत आवाज उठाने की अपील
राजभर ने कहा कि केंद्र सरकार ने महिला आरक्षण को लेकर संसद का विशेष सत्र बुलाया है, ऐसे में विपक्ष को भी अपनी बात मजबूती से रखनी चाहिए ताकि सभी वर्गों की महिलाओं को उचित प्रतिनिधित्व मिल सके।
नोएडा मुद्दे पर भी सरकार का बचाव
इस दौरान उन्होंने नोएडा में श्रमिकों के आंदोलन को लेकर भी विपक्ष पर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “नोएडा में कुछ ऐसे उपद्रवी हैं जो हमेशा सरकार को बदनाम करने की साजिश रचते रहते हैं. जब वित्त विभाग के प्रमुख सचिव ने प्रेस वार्ता कर वेतन को 13 हजार से बढ़ाकर साढ़े 16 हजार रुपये करने की मांग को पूरी करने की जानकारी दे दी तो उसके बाद भी वे उपद्रव कर रहे हैं. इसमें सपा और कांग्रेस का हाथ है.”














