नवंबर 2025 में भारत का गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) कलेक्शन ₹1.70 लाख करोड़ रुपये रहा। यह कलेक्शन पिछले साल नवंबर 2024 के जीएसटी कलेक्शन (₹1.69 लाख करोड़) से ज्यादा है, लेकिन अक्टूबर 2025 के रिकॉर्ड कलेक्शन (₹1.96 लाख करोड़) के मुकाबले कम है, जो त्योहारी सीजन के बाद खरीदारी में कमी को दर्शाता है।
GST कलेक्शन का विवरण
नवंबर में ग्रॉस जीएसटी रेवेन्यू ₹1,70,276 करोड़ रुपये रहा, जो नवंबर 2024 के मुकाबले 0.7 परसेंट की मामूली बढ़त को दर्शाता है। जीएसटी रेट में कमी के बाद डोमेस्टिक रेवेन्यू में गिरावट आई है।
| घटक | नवंबर 2025 कलेक्शन | साल-दर-साल अंतर |
| सेंट्रल GST (CGST) | ₹34,843 करोड़ | – |
| स्टेट GST (SGST) | ₹42,522 करोड़ | डोमेस्टिक रेवेन्यू 1.5% घटा |
| इंटीग्रेटेड GST (IGST) | ₹46,934 करोड़ | – |
| ग्रॉस डोमेस्टिक रेवेन्यू | ₹1,24,299 करोड़ | 2.3% घटकर |
इम्पोर्ट से मिली मजबूती
नवंबर में सामानों के इम्पोर्ट (आयात) से रेवेन्यू में 10.2 परसेंट की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो ₹45,976 करोड़ रुपये हो गया। इस उछाल से टोटल ग्रॉस GST रेवेन्यू में स्थिरता बनी रही।
- नेट कलेक्शन: रिफंड को एडजस्ट करने के बाद घरेलू GST रेवेन्यू 1.5% घटकर ₹1,15,558 करोड़ रह गया। हालांकि, एक्सपोर्ट और इंपोर्ट से नेट कलेक्शन में 11.6% का जबरदस्त उछाल आया, और यह ₹36,521 करोड़ रुपये हो गया।
- अप्रैल-नवंबर 2025: इस अवधि में टोटल नेट GST रेवेन्यू साल-दर-साल 7.3% बढ़कर ₹12.79 लाख करोड़ रुपये हो गया है।
सेस कलेक्शन और राज्यों का प्रदर्शन
नवंबर 2025 में कम्पेनसेशन सेस कलेक्शन में भारी गिरावट देखी गई। यह पिछले साल के ₹12,398 करोड़ रुपये से घटकर ₹4,737 करोड़ रुपये रह गया, जिससे कम्पेनसेटरी फंड पर दबाव दिखा।
राज्य-वार एनालिसिस में केरल पॉजिटिव ग्रोथ चार्ट में सबसे आगे रहा, जहां SGST में 7 परसेंट की बढ़ोतरी हुई। महाराष्ट्र में 3 परसेंट और बिहार में 1 परसेंट की मामूली बढ़ोतरी हुई है।














