रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपने दो दिवसीय भारत दौरे से पहले, चीन के तियानजिन में आयोजित SCO शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपनी यादगार मुलाकात को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। अगस्त में चीन में हुई इस मुलाकात ने दुनियाभर में सुर्खियां बटोरी थीं, जब दोनों नेता लगभग डेढ़ घंटे तक एक साथ कार में बैठे रहे थे—पहले 45 मिनट तक साथ सफर किया और फिर मीटिंग स्थल पर पहुंचकर भी दोनों करीब 50 मिनट तक कार में ही बैठकर बातचीत करते रहे।
‘कोई खास तैयारी नहीं थी, आम दोस्तों की तरह हो रही थी बात’
क्रेमलिन में आजतक को दिए एक इंटरव्यू में रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने पीएम मोदी के साथ कार में सफर करने को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि इस बातचीत के लिए कोई खास तैयारी नहीं की गई थी। पुतिन ने कहा, “इसे लेकर कोई खास तैयारी नहीं थी। हम दोनों बाहर निकलो तो सामने मुझे मेरी कार दिखाई दी। मैंने उन्हें साथ चलने के लिए कहा। इस मामले में इससे ज्यादा कुछ भी नहीं था।”
पुतिन ने बताया कि कार में वह और पीएम मोदी आम दोस्तों की तरह बात कर रहे थे। उन्होंने आगे खुलासा किया कि, “हम दोनों ने मौजूदा मुद्दों पर बात की। हम बातचीत में इतने व्यस्त हो गए थे कि पता नहीं चला कि लोग हमारा इंतजार कर रहे हैं।” उन्होंने जोर देकर कहा कि पीएम मोदी और उनके बीच हमेशा बातचीत करने के लिए कुछ न कुछ होता है, यानी ‘हमारे पास बहुत सारे टॉपिक’ होते हैं।
78 साल की दोस्ती और मजबूत करने भारत पहुंचे पुतिन
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की दो दिवसीय भारत यात्रा से पहले गुरुवार (4 नवंबर 2025) को दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद की गई है। भारत और रूस ने 1947 में राजनयिक संबंध स्थापित किए थे, और तब से लेकर आज तक दोनों मित्र राष्ट्र एक-दूसरे के साथ मजबूती से खड़े रहे हैं। पुतिन की इस यात्रा से भारत और रूस की 78 सालों की दोस्ती और मजबूत होगी। पुतिन की यात्रा से पहले रूस के रक्षा मंत्री आंद्रे बेलौसोव भी दिल्ली पहुँच चुके हैं।














