उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) की मौत के बढ़ते मामलों और राज्य के कथित कोडीन कफ सिरप कांड को लेकर केंद्र और प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। अजय राय ने अलीगढ़ जिले के लोधा ब्लॉक के गांव सदलपुर में दिवंगत बीएलओ साधना वर्मा के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी।
उन्होंने साधना वर्मा की मौत को ‘प्रशासनिक दबाव और सरकार की जल्दबाजी’ का नतीजा बताते हुए कहा कि यह पूरे प्रदेश के लिए चिंता का विषय है।
बीएलओ की मौत पर सरकार को घेरा: ’15 से 16 मौतें हो चुकी हैं’
अजय राय ने एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) कार्य के दौरान कर्मचारियों पर डाले जा रहे दबाव पर गंभीर आरोप लगाए।
- जल्दबाजी: उन्होंने कहा कि एसआईआर जैसे महत्वपूर्ण कार्य को सरकार बेहद कम समय में जबरन पूरा कराना चाहती है। यह प्रक्रिया महीनों की होनी चाहिए थी, लेकिन सरकार ने केवल एक महीने का समय देकर कर्मचारियों पर असहनीय बोझ डाल दिया है।
- परिणाम: अजय राय के मुताबिक, प्रदेश में अब तक 15 से 16 बीएलओ की मौत हो चुकी है, जबकि कई कर्मचारी मानसिक तनाव में आकर ब्रेन हैमरेज या आत्महत्या जैसी घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने जौनपुर, फतेहपुर और मुरादाबाद के मामलों का भी जिक्र किया।
- गड़बड़ी का आरोप: उन्होंने कहा कि एसआईआर सर्वे जल्दबाजी में कराई जा रही है, जिससे संदेह पैदा होता है कि सरकार इसके जरिए किसी तरह की गड़बड़ी करना चाहती है।
मृतक परिवार के लिए मांग
अजय राय ने जिलाधिकारी से बातचीत कर मांग की कि दिवंगत बीएलओ साधना वर्मा के परिजनों को उनकी योग्यता के अनुरूप तत्काल सरकारी नौकरी दी जाए। इसके साथ ही उन्होंने एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दिए जाने की भी मांग की।
“यदि सरकार कर्मचारियों पर दबाव बनाकर काम कराएगी और उनकी मौत के बाद भी उनके परिवारों की सुध नहीं लेगी, तो यह एक अमानवीय व्यवस्था को दर्शाता है।”
कफ सिरप कांड पर योगी सरकार पर सीधा हमला
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कफ सिरप कांड को लेकर योगी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि यह मामला अत्यंत गंभीर है और इसके तार सीधे सत्ता से जुड़े लोगों तक पहुंचते हैं।
- सत्ता का संरक्षण: उनका आरोप है कि इस प्रकरण में जिन लोगों के नाम सामने आ रहे हैं, वे सरकार के संरक्षण में हैं, इसी वजह से उन पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं हो रही है।
- बुलडोजर पर सवाल: उन्होंने सवाल उठाया कि यह मामला प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से जुड़ा है, जहाँ भाजपा से जुड़े प्रभावशाली लोग शामिल बताए जा रहे हैं। बावजूद इसके, आरोपियों के खिलाफ न तो बुलडोजर चला और न ही कोई ठोस कार्रवाई हुई।
- प्रताड़ना का आरोप: अजय राय ने यह भी कहा कि जो व्यक्ति इस कफ सिरप मामले को उजागर कर रहा है, उसी को प्रताड़ित किया जा रहा है और उसके खिलाफ मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं।
अजय राय ने चेतावनी दी कि अगर सरकार उनकी मांगों को नजरअंदाज करती है, तो कांग्रेस पार्टी सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करेगी।














