लखनऊ: साल 2026 की पहली सुबह उत्तर प्रदेश की सियासत के दिग्गजों के शुभकामना संदेशों के नाम रही। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, सपा प्रमुख अखिलेश यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती ने प्रदेशवासियों को नए साल की बधाई दी, लेकिन तीनों के संदेशों में उनके सियासी एजेंडे की झलक साफ दिखाई दी।
1. CM योगी आदित्यनाथ: ‘सुशासन और प्रगति का साल होगा 2026’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘डबल इंजन’ सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए नए साल का स्वागत किया। उन्होंने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा:
- विकसित भारत: प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में ‘नया उत्तर प्रदेश’ विकसित भारत की यात्रा में अहम भूमिका निभा रहा है।
- गरीब-कल्याण: योजनाओं का लाभ गरीब, किसान, युवा और महिलाओं तक बिना किसी भेदभाव और पारदर्शिता के साथ पहुंच रहा है।
- भरोसा: सीएम ने विश्वास जताया कि 2026 में यूपी समृद्धि, सुशासन और प्रगति के नए कीर्तिमान स्थापित करेगा।
2. अखिलेश यादव: ‘नए रण के लिए नया प्रण लें’
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव का संदेश शायराना लेकिन राजनीतिक रूप से काफी आक्रामक रहा। उन्होंने बदलाव और संघर्ष का संकेत दिया:
- नया रण: अखिलेश ने लिखा, “नये साल का नया सवेरा, आशाओं का नया बसेरा, आइए नये रण के लिए नये प्रण लें.”
- बदलाव: उन्होंने जनता से आह्वान करते हुए कहा, “नया संकल्प ही नया कल लाता है. हम बदलेंगे तो सब बदलेगा.”
3. मायावती: ‘आत्म-सम्मान और स्वाभिमान की कामना’
बसपा प्रमुख मायावती ने देश-विदेश में बसे भारतीयों को बधाई देते हुए ‘बहुजन समाज’ के संघर्ष को याद किया:
- मुबारकबाद: उन्होंने सभी के लिए सुख, शांति, सुरक्षा और आत्म-सम्मान भरे जीवन की कामना की।
- संघर्ष: मायावती ने कहा कि यह साल गरीबों और मेहनतकश लोगों की जिंदगी को सरकारी नियमों की जकड़न से मुक्त करे। उन्होंने इसे केवल कामना नहीं, बल्कि बहुजन समाज के लिए ‘अच्छे दिन’ पाने का संघर्ष बताया।














