अयोध्या स्थित राम जन्मभूमि परिसर के निकास द्वार पर कथित तौर पर नमाज पढ़े जाने का मामला अब गरमाता जा रहा है। इस घटना को लेकर संतों में भारी रोष है। हनुमानगढ़ी के चर्चित महंत राजू दास ने इस वाकये पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और प्रशासन के सामने एक बड़ी मांग रख दी है। उन्होंने इस कृत्य को हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बताते हुए मांग की है कि अयोध्या में मुसलमानों के प्रवेश पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया जाना चाहिए।
मानसिकता पर उठाए सवाल, घटना को बताया निंदनीय
महंत राजू दास ने इस घटना को बेहद दुखद करार दिया और इसे एक विशेष मानसिकता का परिचायक बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग जानबूझकर धार्मिक स्थलों की पवित्रता भंग करने की कोशिश कर रहे हैं। महंत राजू दास ने कहा, “आज राम जन्मभूमि में 3-4 मुसलमानों द्वारा नमाज पढ़े जाने की घटना संज्ञान में आई है. यह दुखद और अति निंदनीय है. यह किस मानसिकता के लोग हैं, जो आज भी मन में यह भाव पाले हुए हैं कि राम मंदिर में नमाज पढ़ें और इस्लाम का ढांचा स्थापित करें.”
‘हिंदू कट्टर होता तो जिंदा नहीं बचते’
प्रशासन से कड़े कदम उठाने की अपील करते हुए महंत ने कहा कि अगर यही काम किसी हिंदू ने किया होता तो परिणाम कुछ और होते। उन्होंने अयोध्या की सुरक्षा और पवित्रता का हवाला देते हुए मुस्लिम समुदाय के लोगों की एंट्री बैन करने की बात कही। हनुमानगढ़ी के महंत ने आगे कहा, “मैं प्रशासन से निवेदन करता हूं कि अयोध्या में मुसलमानों की एंट्री पर प्रतिबंध होना चाहिए. हिंदू अगर कट्टर होता और राम मंदिर में इस तरह की कोई हरकत करता, तो आप समझ सकते हैं कि वह जिंदा नहीं रहता. लोग उसे मार-पीट कर ठीक कर देते. लेकिन आज जिस प्रकार से राम मंदिर में आकर ऐसा दुस्साहस किया गया, वह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है.”
दंगे भड़काने की साजिश का आरोप
महंत राजू दास का मानना है कि ऐसी घटनाएं देश का माहौल खराब करने की साजिश का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए जो आस्था के केंद्र को अपवित्र करने का प्रयास करते हैं। उन्होंने कहा, “ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो. मुस्लिम अभी भी यह चाहते हैं कि देश में दंगे हो, बवाल हो और राम मंदिर जो पवित्र स्थल हिंदुओं का है, वहां पर किसी न किसी प्रकार से अपवित्र करें और वहां पर ऐसे कृत्य, ऐसे कार्य करें जिससे हिंदू की आस्था आहत हो.”














