पश्चिम एशिया में बढ़ते संकट के बीच केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने घरेलू खपत के लिए पेट्रोल और डीजल पर लगने वाली केंद्रीय उत्पाद शुल्क (एक्साइज ड्यूटी) में 10-10 रुपये प्रति लीटर की कटौती करने का ऐलान किया है। इस फैसले के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए इसे सही समय पर लिया गया निर्णय बताया है।
एक्साइज ड्यूटी घटाने का ऐलान, सरकार ने बताया कारण
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जानकारी देते हुए कहा कि यह फैसला अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को ध्यान में रखकर लिया गया है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार प्रभावित हो रहा है, ऐसे में सरकार ने उपभोक्ताओं को संभावित महंगाई से बचाने और ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया है।
सरकार का कहना है कि इस निर्णय से घरेलू बाजार में ईंधन आपूर्ति स्थिर बनी रहेगी और कीमतों में अचानक बढ़ोतरी का दबाव कम होगा।
CM योगी आदित्यनाथ ने जताया आभार
केंद्र सरकार के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती का निर्णय सही समय पर लिया गया कदम है। यह फैसला पश्चिम एशिया संकट के बीच लोगों को राहत देगा, देश में ईंधन की उपलब्धता बनाए रखेगा और आर्थिक स्थिरता को मजबूती देगा।
मुख्यमंत्री ने इसे आम जनता को राहत देने और बाजार संतुलन बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
निर्यात पर भी नई ड्यूटी लागू
सरकार ने घरेलू बाजार में पर्याप्त ईंधन उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए निर्यात नीति में भी बदलाव किया है। इसके तहत डीजल के निर्यात पर 21.5 रुपये प्रति लीटर और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के निर्यात पर 29.5 रुपये प्रति लीटर की ड्यूटी लगाने का फैसला किया गया है। इस संबंध में संसद को भी जानकारी दे दी गई है।
सरकार का मानना है कि इस कदम से देश के भीतर ईंधन की सप्लाई मजबूत रहेगी और अंतरराष्ट्रीय उतार-चढ़ाव का असर सीमित किया जा सकेगा।
यूपी में पेट्रोल-डीजल के ताजा दाम
फिलहाल उत्तर प्रदेश में पेट्रोल की कीमत लगभग 94 से 95 रुपये प्रति लीटर के बीच बनी हुई है, जबकि डीजल 87 से 88 रुपये प्रति लीटर के आसपास बिक रहा है। बताया गया है कि एक्साइज ड्यूटी में कटौती का सीधा असर तेल कंपनियों पर पड़ेगा, जिससे उन पर अतिरिक्त बोझ नहीं बढ़ेगा और बाजार संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी।














