लखनऊ, उत्तर प्रदेश: माँ गोमती के संरक्षण, संवर्धन एवं पुनर्जीवन को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। “गोमती दर्शन” संस्था द्वारा 28 मार्च से 4 अप्रैल 2026 तक ‘गोमती दर्शन पदयात्रा’ का आयोजन किया जा रहा है। इस यात्रा का उद्देश्य जनजागरूकता बढ़ाना, जनभागीदारी सुनिश्चित करना तथा गोमती नदी के संरक्षण हेतु व्यापक सामाजिक अभियान चलाना है।
ज्ञापन के माध्यम से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए कहा गया है कि गोमती नदी, जिसे “आदि गंगा” के रूप में भी जाना जाता है, प्रदेश की आस्था, संस्कृति, कृषि और जनजीवन का महत्वपूर्ण आधार रही है। लेकिन वर्तमान समय में बढ़ते प्रदूषण, अवैध अतिक्रमण, जलधारा में अवरोध और प्राकृतिक जल स्रोतों के क्षरण के कारण इसका अस्तित्व संकट में है।
इस संदर्भ में प्रशासन से कई प्रमुख मांगें रखी गई हैं:
- गोमती नदी को “राज्य नदी” घोषित किया जाए।
- नदी के तट एवं भूमि क्षेत्र को राजस्व अभिलेखों में सुरक्षित एवं संरक्षित दर्ज किया जाए।
- बाढ़ क्षेत्र (फ्लड प्लेन) में सभी प्रकार के अतिक्रमण तत्काल प्रभाव से रोके जाएं और पूर्व अतिक्रमण हटाए जाएं।
- नदी में गिरने वाले सभी नालों, सीवेज एवं औद्योगिक अपशिष्ट के प्रवाह को पूर्णतः बंद कर उनके शोधन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
- विशेष रूप से लखनऊ क्षेत्र में विकास कार्यों एवं वेटलैंड्स की वैज्ञानिक समीक्षा कर पर्यावरण संतुलन के अनुरूप कार्रवाई की जाए तथा प्रमुख 9 वेटलैंड्स के संरक्षण हेतु विशेष योजना लागू की जाए।
- गोमती के बेस फ्लो (न्यूनतम जल प्रवाह) को बढ़ाने के लिए शारदा नदी से सतही जल आपूर्ति की स्थायी व्यवस्था की जाए।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि माँ गोमती केवल एक नदी नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था और जीवन का आधार है, इसलिए जनहित में इन मांगों पर शीघ्र निर्णय लेकर प्रभावी कार्यवाही करना अत्यंत आवश्यक है।

पदयात्रा कार्यक्रम विवरण:
- 27–28 मार्च: पीलीभीत (माधोटांडा)
- 29–30 मार्च: शाहजहांपुर (सुनासीर नाथ मंदिर)
- 31 मार्च–1 अप्रैल: लखीमपुर खीरी (देवनाथ मंदिर)
- 2–3 अप्रैल: सीतापुर (नैमिषारण्य)
- 4 अप्रैल (सायं): चंडिका देवी मंदिर, बख्शी तालाब, लखनऊ
- 5 अप्रैल (सायं): कुड़ियाघाट (ऋषि कौंडिल्य घाट), चौक, लखनऊ
इस यात्रा में विभिन्न प्रमुख अतिथि भी शामिल होंगे, जिनमें डॉ. अरुण कुमार सक्सेना (वन मंत्री, उत्तर प्रदेश), श्री रणवीर सिंह, श्री राज किशोर, श्री स्वांत रंजन, श्री अवनीश कुमार अवस्थी और डॉ. वीरेंद्र जायसवाल जैसे गणमान्य लोग शामिल हैं।
इस अभियान का संचालन एडवोकेट अनुराग पांडेय (संयोजक, गोमती दर्शन संस्था) एवं एडवोकेट शिवम अवस्थी (जिला संयोजक, लखनऊ पश्चिम) द्वारा किया जा रहा है। साथ ही, संबंधित जिलाधिकारियों को भी इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई हेतु प्रतिलिपि भेजी गई है।
यह पहल न केवल एक नदी के संरक्षण की मांग है, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक और पर्यावरणीय धरोहर को बचाने की एक गंभीर कोशिश भी है।














