पश्चिम एशिया में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष के बीच भारत में ऊर्जा संकट को लेकर सोशल मीडिया पर अचानक अफवाहों का दौर शुरू हो गया। दावा किया जाने लगा कि देश के पास पेट्रोल, डीजल और LPG का रिजर्व सिर्फ 5 से 10 दिनों का ही बचा है। इन खबरों के तेजी से वायरल होने के बाद केंद्र सरकार ने आधिकारिक बयान जारी कर स्थिति साफ की और लोगों से घबराने से बचने की अपील की।
सोशल मीडिया पर वायरल दावों पर सरकार का फैक्ट चेक
वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की सप्लाई को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भारत में ईंधन संकट की खबरें फैलने लगीं। इन दावों में कहा गया कि देश जल्द ही पेट्रोल, डीजल और LPG की कमी का सामना कर सकता है।
इन अफवाहों पर शनिवार (28 मार्च 2026) को केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर फैक्ट चेक जारी करते हुए स्थिति स्पष्ट की। सरकार ने कहा, ‘सोशल मीडिया पर कई पोस्ट सामने आए हैं, जिसमें दावा किया जा रहा है कि भारत के पास मात्र 5 से 10 दिनों का ही तेल रिजर्व बाकी है. यह सभी दावे पूरी तरह से बेबुनियाद, झूठे और भ्रामक हैं. भारत के किसी राज्य में, कहीं भी पेट्रोल, डीजल और LPG सिलेंडरों की कोई कमी नहीं है. देश में ऊर्जा की आपूर्ति की स्थिति पूरी तरह से स्थिर और सुरक्षित है, जिसकी लगातार निगरानी की जा रही है.’
भारत के पास कितना ईंधन स्टॉक मौजूद?
सरकार ने अपने बयान में देश के वास्तविक तेल भंडार को लेकर भी जानकारी दी। पोस्ट में कहा गया, ‘भारत के पास कुल मिलाकर करीब 74 दिनों की रिजर्व की क्षमता है, जबकि वर्तमान में करीब 60 दिनों का स्टॉक उपलब्ध है. इसमें कच्चा तेल, पेट्रोलियम उत्पाद और अंडरग्राउंड कैवर्न्स में स्ट्रैटेजिक रिजर्व शामिल हैं, जो पूरे देश में लगभग दो महीने तक ईंधन की उपलब्धता को सुनिश्चित करते हैं.’
इस स्पष्टीकरण के बाद यह साफ हो गया कि ऊर्जा आपूर्ति को लेकर फैल रही खबरें भ्रामक थीं और देश में फिलहाल किसी तरह का ईंधन संकट नहीं है।
लोगों से घबराने नहीं, आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील
केंद्र सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट खबरों पर विश्वास न करें। ईंधन और गैस की उपलब्धता से जुड़ी जानकारी केवल सरकारी और सत्यापित स्रोतों से ही प्राप्त करने की सलाह दी गई है। सरकार ने भरोसा दिलाया कि देश में ऊर्जा आपूर्ति की स्थिति लगातार निगरानी में है और आम लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।














