उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि वह आगामी चुनाव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ही लड़ेगी। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के इस ऐलान के बाद सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है।
अखिलेश यादव का तंज, ‘काला चश्मा’ वाला बयान चर्चा में
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस फैसले पर तंज कसते हुए कहा कि ‘वो काला चश्मा लगाकर वोट मांगेंगे या बिना काला चश्मा लगाए.’ उनके इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गरमा गया है।
‘PDA’ पर भी की टिप्पणी, अधिकारियों का भी जिक्र
अखिलेश यादव ने ‘PDA’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि अब अधिकारी भी दबे स्वर में इसकी चर्चा करने लगे हैं। उन्होंने इशारों-इशारों में सामाजिक समीकरणों को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा।
पश्चिम बंगाल का उदाहरण देकर यूपी पर सवाल
पश्चिम बंगाल चुनाव का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि वहां की भाषा और माहौल पर सवाल उठाए जाते हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश की स्थिति भी उससे अलग नहीं है। उन्होंने प्रदेश के माहौल पर अप्रत्यक्ष रूप से चिंता जताई।
संविधान और मताधिकार का दिया हवाला
अखिलेश यादव ने कहा कि लोकतंत्र में जनता बाबा साहेब के संविधान के तहत अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर जवाब देगी। उन्होंने भरोसा जताया कि जनता ही अंतिम निर्णय करेगी।
प्रशासनिक कार्यशैली पर भी उठाए सवाल
इसके अलावा उन्होंने डिप्टी सीएम और मुख्यमंत्री कार्यालय की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े किए। अखिलेश यादव ने प्रशासनिक फैसलों को लेकर सरकार को घेरते हुए कहा कि कई निर्णयों पर पारदर्शिता की कमी नजर आती है।














