भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील को लेकर चल रही बातचीत पर बड़ा अपडेट सामने आया है। दोनों देशों ने इस बात पर सहमति जताई है कि चर्चा की प्रक्रिया आगे भी जारी रखी जाएगी। अधिकारियों के बीच तीन दिन तक चली वार्ता 23 अप्रैल को समाप्त हुई।
इससे पहले दोनों देशों की ओर से एक संयुक्त बयान जारी कर डील का प्रारंभिक खाका पेश किया गया था, जिसका उद्देश्य दोनों पक्षों के लिए लाभकारी समझौते को आगे बढ़ाना है।
वॉशिंगटन में आमने-सामने बैठकर हुई बातचीत
ट्रेड डील से जुड़े मुद्दों पर चर्चा जारी रखने के लिए भारतीय प्रतिनिधिमंडल इन दिनों वॉशिंगटन में मौजूद है। यहां भारत और अमेरिका के अधिकारियों के बीच आमने-सामने बैठकर विस्तार से बातचीत की गई।
किन मुद्दों पर बनी सहमति?
भारत सरकार के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अनुसार, इस बातचीत में कई अहम विषयों को शामिल किया गया। इनमें बाजार तक पहुंच (Market Access), तकनीकी नियम (Technical Barriers), सीमा शुल्क प्रक्रिया को सरल बनाना, व्यापार को सुगम करना, निवेश को बढ़ावा देना, डिजिटल कॉमर्स और आर्थिक सुरक्षा जैसे मुद्दे प्रमुख रहे।
अमेरिका ने घटाया टैरिफ, 18% किया शुल्क
बातचीत के बीच अमेरिका ने भारत से आने वाले सामानों पर टैरिफ शुल्क कम कर 18 प्रतिशत कर दिया है। इसे व्यापारिक संबंधों में सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
मंत्रालय ने कहा कि पूरी वार्ता सकारात्मक और रचनात्मक माहौल में हुई और दोनों देश आगे भी इस विषय पर संपर्क बनाए रखेंगे।
दर्पण जैन और ब्रेंडल लिंच के बीच अहम बैठक
इस वार्ता में भारत की ओर से कॉमर्स डिपार्टमेंट के अतिरिक्त सचिव दर्पण जैन के नेतृत्व में 12 सदस्यीय टीम शामिल हुई। वहीं अमेरिका की ओर से ब्रेंडल लिंच के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने बातचीत में हिस्सा लिया।
कृषि क्षेत्र बना चुनौती
अमेरिकी पक्ष की ओर से यह भी कहा गया कि भारत ने अपने कृषि क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक रूप से मजबूत सुरक्षा उपाय बनाए रखे हैं, जिससे इस क्षेत्र में समझौता करना चुनौतीपूर्ण बन जाता है।
आगे क्या?
हालांकि अभी अंतिम समझौता नहीं हुआ है, लेकिन दोनों देशों के बीच बातचीत जारी रखने की सहमति को एक महत्वपूर्ण प्रगति माना जा रहा है। आने वाले दौर की वार्ताओं में इस डील के कई अहम पहलुओं पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है।














