बिहार में नई सरकार के गठन के साथ ही मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा भी कर दिया गया है। बुधवार को सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उनके साथ विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव ने भी मंत्री पद की शपथ ग्रहण की। विभागों के आवंटन को देखें तो बीजेपी का पलड़ा जेडीयू पर भारी नजर आ रहा है।
CM सम्राट चौधरी के पास सबसे ज्यादा 29 विभाग
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पास सबसे ज्यादा 29 विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इनमें गृह और सामान्य प्रशासन जैसे अहम विभाग भी शामिल हैं। इसके अलावा मंत्रिमंडल सचिवालय, निगरानी, निर्वाचन, राजस्व एवं भूमि सुधार, खान एवं भू-तत्व, नगर विकास एवं आवास, स्वास्थ्य, विधि, उद्योग, पथ निर्माण, कृषि, लघु जल संसाधन, श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण, पर्यटन, युवा, रोजगार एवं कौशल विकास, कला एवं संस्कृति, डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन, आपदा प्रबंधन, पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण, सूचना प्रावैधिकी, खेल, सहकारिता, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन, गन्ना उद्योग, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण और पंचायती राज विभाग शामिल हैं।
विजय कुमार चौधरी को मिले 10 विभाग
विजय कुमार चौधरी को कुल 10 विभागों की जिम्मेदारी दी गई है। उनके पास जल संसाधन, संसदीय कार्य, सूचना एवं जन-सम्पर्क, भवन निर्माण, अल्पसंख्यक कल्याण, शिक्षा, विज्ञान प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा, ग्रामीण विकास, परिवहन और उच्च शिक्षा जैसे विभाग हैं।
बिजेंद्र प्रसाद यादव संभालेंगे 8 विभाग
बिजेंद्र प्रसाद यादव को 8 विभाग सौंपे गए हैं। इनमें ऊर्जा, योजना एवं विकास, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन, वित्त, वाणिज्य-कर, समाज कल्याण, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण और ग्रामीण कार्य विभाग शामिल हैं।
कैबिनेट विस्तार का इंतजार, आगे फिर बदल सकता है समीकरण
बताया जा रहा है कि फिलहाल सिर्फ तीन नेताओं ने शपथ ली है, इसलिए उनके पास कई विभागों की जिम्मेदारी दी गई है। इससे पहले नीतीश कुमार ने अपनी सरकार की कैबिनेट बैठक के बाद उसे भंग कर दिया था। अब नई सरकार में जल्द ही कैबिनेट विस्तार होने की संभावना है, जिसके बाद विभागों का दोबारा बंटवारा किया जाएगा।
माना जा रहा है कि कैबिनेट विस्तार के बाद यह तय होगा कि किस मंत्री को कौन सा विभाग मिलेगा। पहले की सरकार में गृह विभाग सम्राट चौधरी के पास ही था और अब मुख्यमंत्री बनने के बाद भी उनके पास यह महत्वपूर्ण विभाग बने रहने की संभावना है।














