उत्तर प्रदेश में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर जारी अटकलों के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बड़ा बयान दिया है। संसद में महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े विधेयकों पर चर्चा के दौरान उन्होंने साफ कर दिया कि 2027 के चुनाव पुरानी सीटों के आधार पर ही कराए जाएंगे।
“2029 तक चुनाव पुरानी व्यवस्था से ही होंगे”
गृह मंत्री ने स्पष्ट कहा, “2029 तक जो भी चुनाव होंगे वह भी पुरानी व्यवस्था के आधार पर होंगे. तो अखिलेश जी को भी डरने की जरूरत नहीं हैं. ये 2027 की बात है. हालांकि वो जीतेंगे नहीं ये अलग बात है लेकिन डरने की बात नहीं है.”
इस बयान के जरिए उन्होंने यह साफ कर दिया कि फिलहाल परिसीमन के बाद सीटों की संख्या बढ़ने का असर आगामी चुनावों पर नहीं पड़ेगा।
अखिलेश यादव के बयान के बाद आया जवाब
दरअसल, अखिलेश यादव ने लोकसभा में यूपी की सीटों को लेकर सवाल उठाए थे। उन्होंने आशंका जताई थी कि विधानसभा सीटों की संख्या 500 या उससे ज्यादा हो सकती है और इसके पीछे कोई साजिश भी हो सकती है।
अखिलेश यादव ने कहा था कि अगर सीटें 600 के करीब पहुंचती हैं, तो यह देखना होगा कि इसमें महिलाओं के लिए आरक्षण कैसे लागू होगा और क्या इससे राजनीतिक संतुलन प्रभावित होगा।
यूपी में सीटें बढ़ने की चर्चा क्यों?
परिसीमन से जुड़े प्रस्तावों के मुताबिक, अगर परिसीमन आयोग का 2026 से संबंधित विधेयक लागू होता है, तो उत्तर प्रदेश में विधानसभा सीटों की संख्या 403 से बढ़कर 605 तक हो सकती है।
इसी तरह लोकसभा सीटों की संख्या भी 80 से बढ़कर 120 तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
फिलहाल क्या है स्थिति?
गृह मंत्री के बयान के बाद यह साफ हो गया है कि 2027 के विधानसभा चुनाव और 2029 तक के अन्य चुनाव पुराने ढांचे पर ही होंगे। यानी नई सीटों की व्यवस्था लागू होने में अभी समय लगेगा।














