ट्विशा शर्मा मौत मामले की जांच में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने सोमवार को अहम कदम उठाते हुए पूर्व जज गिरिबाला सिंह के घर पर क्राइम सीन का रिक्रिएशन किया। जांच एजेंसी ने इस प्रक्रिया के जरिए घटना की पूरी श्रृंखला को समझने और अब तक सामने आए बयानों की सत्यता परखने की कोशिश की। सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान डमी बॉडी और अन्य सामानों का उपयोग कर उस दिन की परिस्थितियों को दोबारा तैयार किया गया, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि घटना के समय कौन व्यक्ति कहां मौजूद था और वास्तविक घटनाक्रम गवाहों के दावों से कितना मेल खाता है।
दो घंटे तक चला क्राइम सीन रिक्रिएशन
जानकारी के अनुसार, CBI की टीम सोमवार दोपहर करीब 12 बजे गिरिबाला सिंह के आवास पहुंची। उनके साथ फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम भी मौजूद थी। करीब दो घंटे तक घर की छत पर घटना का पुनर्निर्माण किया गया। जांच के दौरान ट्विशा शर्मा की डमी बॉडी का इस्तेमाल किया गया और घटना के समय मौजूद रहे लोगों से उस दिन की स्थिति को दोबारा प्रदर्शित करने को कहा गया।
सूत्रों के अनुसार, गिरिबाला सिंह ने डमी बॉडी के साथ बेल्ट काटने की प्रक्रिया दिखाई, जबकि समर्थ सिंह ने यह बताया कि कथित तौर पर शरीर को किस तरह नीचे उतारा गया था। जांच एजेंसी ने घटनास्थल से जुड़े हर पहलू का बारीकी से निरीक्षण किया।
रिश्तेदारों से भी हुई पूछताछ
CBI ने जांच के दौरान समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह के अलावा पास में रहने वाले रिश्तेदार स्वराज सिंह को भी पूछताछ के लिए बुलाया। अधिकारियों ने घटना से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर सवाल किए और सभी के बयानों का मिलान करने की कोशिश की। प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों आरोपियों को वहां से जाने की अनुमति दे दी गई।
CBI ने पूछे कई अहम सवाल
सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसी ने घटना से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए। इनमें यह जानने का प्रयास किया गया कि ट्विशा को सबसे पहले किसने देखा, उसे फंदे से नीचे किसने उतारा, पुलिस को सूचना कब और किसने दी, नजदीकी अस्पताल ले जाने की कोशिश क्यों नहीं की गई, घटना के समय वह जीवित थी या नहीं और क्या उसे CPR दिया गया था।
इसके अलावा CBI ने शरीर पर मिले चोट के निशानों, दहेज उत्पीड़न से जुड़े आरोपों और कथित आर्थिक लेन-देन के संबंध में भी विस्तृत जानकारी मांगी।
गिरिबाला सिंह ने खुद को बताया निर्दोष
पूछताछ के दौरान गिरिबाला सिंह ने दावा किया कि ट्विशा पर्सनैलिटी डिसऑर्डर और एंजाइटी जैसी समस्याओं से जूझ रही थी। उन्होंने खुद को मामले में निर्दोष बताया। हालांकि, शरीर पर पाए गए चोट के निशानों को लेकर पूछे गए सवालों पर वह स्पष्ट जवाब नहीं दे सकीं।
उन्होंने यह भी कहा कि ट्विशा अपनी गर्भावस्था को लेकर काफी परेशान रहती थी और बच्चा नहीं रखना चाहती थी। वहीं, जब CBI ने समर्थ सिंह के घटना के बाद फरार होने को लेकर सवाल किया तो गिरिबाला सिंह ने इसे गलती बताया।
समर्थ सिंह ने बताया घटना वाले दिन का घटनाक्रम
समर्थ सिंह ने पूछताछ के दौरान कहा कि वह अपनी पत्नी ट्विशा से बहुत प्यार करता था। उनके मुताबिक, घटना वाले दिन सब कुछ सामान्य था। उन्होंने बताया कि दोनों ने करीब 45 मिनट तक साथ में टहलने के बाद टीवी देखा और खाना खाया था।
समर्थ का कहना है कि उस दिन उनके और ट्विशा के बीच कोई असामान्य बात नहीं हुई थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि ट्विशा गर्भावस्था को लेकर मानसिक दबाव में थी। उनके अनुसार, पहले वह बच्चा चाहती थी, फिर नहीं चाहती थी और बाद में गर्भनिरोधक दवा लेने के बाद दोबारा बच्चा चाहने लगी थी। इसी वजह से वह काफी तनाव में रहने लगी थी।















