देशभर में चर्चा का विषय बने NEET पेपर लीक मामले पर शुक्रवार (24 जुलाई) को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि इस मामले को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी एवं सुरक्षित बनाने के लिए सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों की जानकारी मांगी।
केंद्र सरकार से परीक्षा सुधारों पर मांगी विस्तृत जानकारी
‘फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन’ (FAIMA) सहित विभिन्न याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति पी. एस. नरसिम्हा और न्यायमूर्ति आलोक अराधे की पीठ ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से पूछा कि सरकार परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने, राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों को लागू करने और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IIT) की परीक्षा प्रणाली के मॉडल को अपनाने के लिए क्या कदम उठा रही है।
छात्रों के हितों को लेकर गंभीर है सरकार: तुषार मेहता
सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा, “हम छात्रों के हितों को लेकर हम बहुत गंभीर है. राधाकृष्णन कमिटी की रिपोर्ट लागू की जाएगी, लेकिन सरकार इससे कहीं बढ़ कर कदम उठाएगी. बहुत सी बातें होने वाली हैं.”
उन्होंने अदालत से एक सप्ताह का समय भी मांगा और कहा कि सरकार इस विषय पर विस्तृत जवाब दाखिल करेगी।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा- व्यवस्था पूरी तरह मजबूत होनी चाहिए
इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा, “ठीक है. हम भी यही चाहते हैं कि पूरी व्यवस्था चाक-चौबंद हो. आप जवाब दाखिल कीजिए. सोमवार, 3 अगस्त को सुनवाई होगी.”
पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, अदालत ने यह भी कहा कि अगले वर्ष से NEET-UG परीक्षा को कंप्यूटर आधारित (Computer Based Test) कराने की राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की योजना को देखते हुए केंद्र सरकार को साइबर सुरक्षा और डेटा सुरक्षा के लिए ठोस एवं प्रभावी कदम उठाने होंगे। साथ ही अदालत ने स्पष्ट किया कि पेपर लीक मामले में सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों पर उसकी नजर बनी रहेगी।
जंतर-मंतर पर जारी है प्रदर्शन
उधर, दिल्ली के जंतर-मंतर पर पेपर लीक मामले को लेकर कई दिनों से प्रदर्शन जारी है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) लगातार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है। विपक्षी दल भी इस मुद्दे पर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
इसी बीच जानकारी सामने आई है कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह एक बार फिर CJP प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। दोनों नेताओं की यह बैठक दिल्ली स्थित कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में प्रस्तावित है।














