बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने पटना स्थित मेदांता अस्पताल पहुंचकर कथित AK-47 फायरिंग में घायल छात्रों से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने राज्य सरकार और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर तीखा हमला बोलते हुए चेतावनी दी कि यदि गिरफ्तार छात्रों को रिहा नहीं किया गया और उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए गए तो पूरे बिहार में आंदोलन किया जाएगा।
घायलों से मुलाकात के बाद तेजस्वी यादव ने कहा, “कल AK-47 से फायरिंग की गई. जिन 3 लोगों को गोली लगी है उनसे हम मिले. तीनों निर्दोष हैं. भगवान की कृपा से बच गए.” उन्होंने दावा किया कि एक छात्र के पैर में गोली लगी है और उसका दिसंबर में सेना की भर्ती परीक्षा है। उनके अनुसार, घायल होने के बावजूद उसे एक पैर पर दौड़ाया गया। इस पर उन्होंने कहा, “इंसानियत मर चुकी है.”
सम्राट चौधरी पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर हमला बोलते हुए तेजस्वी यादव ने कहा, “सम्राट चौधरी जो सड़क छाप व्यक्ति है. हम सरकार से आग्रह नहीं, चेतावनी देते हैं. जब दिल्ली में तय हो गया कि केस वापस लिया जाएगा तो ये सम्राट चौधरी कौन हैं भाई.”
उन्होंने आगे कहा, “सम्राट चौधरी जी को चेतावनी है. कल शाम तक रिहा नहीं किया तो बिहार भर में आंदोलन करेंगे. इसकी जिम्मेदार सरकार होगी.”
तेजस्वी यादव ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री को स्वयं अस्पताल पहुंचकर घायल छात्रों से मिलना चाहिए। उन्होंने कहा, “सम्राट चौधरी आकर निर्दोष छात्रों से मिलें, घर में बैठने से नहीं होगा. इनको गोली मारी गई है.”
मुख्यमंत्री पर भी केस दर्ज करने की मांग
तेजस्वी यादव ने दावा किया कि कई लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 307 के तहत मुकदमे दर्ज किए गए हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा, “सम्राट चौधरी पर भी अटेंप्ट टू मर्डर का केस होना चाहिए.”
पुलिस प्रशासन को लेकर भी उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा, “पुलिस के लोगों से कहेंगे नियम-कायदा से काम करिए, दलबदलू और जिन पर मुकदमा है उनके बातों पर न चलें.”
घायलों को लेकर किया बड़ा दावा
घायल छात्रों का जिक्र करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा, “एक जाति प्रमाण पत्र बनाने आया था, उसको गोली लगी. एक रायबरेली का रहने वाला है, उसका उस दिन जन्मदिन था. वो बेकरी से केक लेने गया था, उसको गोली लगी. एक जो दुकान में काम करता था, उसको गोली लगी है.”
उन्होंने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, “निर्दोष लोगों पर गोली चलाएगी ये सरकार? लड़का कह रहा है कि गोली खाने सीमा पर जाने चाहते हैं लेकिन देश में ही मर रहे हैं. अगर मुकदमा वापस और रिहा नहीं किया गया तो आंदोलन तय है.”















