बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को होने वाले उपचुनाव से ठीक एक दिन पहले जन सुराज पार्टी के लिए बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। पार्टी ने दावा किया है कि उसके 20 नेताओं को पटना पुलिस और STF ने गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई के बाद जन सुराज ने इसे एकतरफा कदम बताते हुए चुनाव प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
जन सुराज ने 20 नेताओं की गिरफ्तारी का किया दावा
जन सुराज पार्टी की ओर से बुधवार शाम जारी जानकारी में कहा गया कि पार्टी से जुड़े 20 नेताओं को STF ने हिरासत में लिया है। हालांकि, पार्टी ने यह स्पष्ट नहीं किया कि गिरफ्तार किए गए लोग संगठन में किस पद पर हैं।
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव से पहले हुई इस कार्रवाई को पार्टी ने चुनावी माहौल को प्रभावित करने वाला कदम बताया है।
पुलिस पर्यवेक्षक को लिखा गया शिकायत पत्र
गिरफ्तारियों के बाद जन सुराज ने बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र के पुलिस पर्यवेक्षक को पत्र लिखकर कार्रवाई पर आपत्ति जताई। पत्र में आरोप लगाया गया कि पार्टी के कार्यकर्ताओं को, जो पटना में अपने परिजनों से मिलने या अन्य निजी कार्यों से मौजूद थे, एकतरफा कार्रवाई करते हुए लगातार गिरफ्तार किया जा रहा है।
पत्र में कई कार्यकर्ताओं के नाम का उल्लेख
पार्टी ने अपने पत्र में दावा किया कि प्रत्यूष पूर्व को जक्कनपुर थाना, वरुण कुमार (खगड़िया) को पीरबहोर थाना और अभय शर्मा (मोतिहारी) को जक्कनपुर थाना ले जाया गया। इसके अलावा विकास सिंह, अमीर इम्तियाज, मनीष झा और सुदर्शन मिश्रा को भी STF द्वारा हिरासत में लिए जाने का आरोप लगाया गया है।
पत्र में कहा गया है, “182 बांकीपुर विधानसभा में जन सुराज के कार्यकर्ताओं को जो पटना में अपने परिजनों से मिलने या अन्य किसी कार्य से हैं उन्हें एकतरफा कार्रवाई करते हुए लगातार गिरफ्तार किया जा रहा है. इस कड़ी में श्री प्रत्यूष पूर्व को जक्कनपुर थाना, वरुण कुमार खगड़िया को पीरबहोर थाना, मोतिहारी के रहने वाले अभय शर्मा जी को जक्कनपुर थाना, विकास सिंह, अमीर इम्तियाज, मनीष झा और सुदर्शन मिश्रा जी को नाटकीय ढंग से STF ने उठाया है. मान्यवर, उपरोक्त विषयों का त्वरित संज्ञान लेते हुए त्वरित एवं आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किया जाए.”
उपचुनाव से पहले बढ़ी राजनीतिक हलचल
30 जुलाई को होने वाले बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव से पहले हुई इस कार्रवाई ने राज्य की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। जन सुराज ने प्रशासन से मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। वहीं, खबर लिखे जाने तक पुलिस या प्रशासन की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।















