पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) अध्यक्ष ममता बनर्जी ने बीजेपी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें सार्वजनिक सभाएं करने की अनुमति नहीं दी जा रही है। ममता बनर्जी ने कहा कि अगर इसी तरह उनकी बैठकों पर रोक लगाने की कोशिश जारी रही तो वह जल्द ही पूरे राज्य का दौरा शुरू करेंगी और सड़कों पर उतरेंगी। इसी दौरान उन्होंने बीजेपी को चुनौती देते हुए कहा कि वह देखना चाहती हैं कि उनके पास कितने अंडे और ईंटें हैं।
बंगाल में पिछले कुछ समय से ऐसे कई वीडियो सामने आए हैं, जिनमें टीएमसी नेताओं पर अंडे फेंके जाने के दृश्य दिखाई दिए हैं। टीएमसी इन घटनाओं के पीछे बीजेपी से जुड़े लोगों का हाथ होने का आरोप लगाती रही है। दूसरी ओर बीजेपी का कहना है कि ये घटनाएं पूर्ववर्ती टीएमसी सरकार के खिलाफ लोगों के गुस्से का नतीजा हैं।
Mamata Banerjee का पुलिस को लेकर BJP पर बड़ा आरोप
कोलकाता में टीएमसी की छात्र इकाई की रैली को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने बीजेपी पर पुलिस के इस्तेमाल को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि उनके शासनकाल में पुलिस का रवैया मानवीय था, जबकि बीजेपी ने पुलिस का चेहरा राक्षसी बना दिया है।
ममता बनर्जी ने कहा कि वह अपने समर्थकों के खिलाफ पुलिस की कथित ज्यादती को रोकेंगी। उन्होंने इसे रक्षाबंधन के मौके पर किया गया अपना वादा बताया। उन्होंने बीजेपी पर बंगाल में विभाजन की राजनीति करने और लोगों के बीच डर पैदा करने के लिए पुलिस का इस्तेमाल करने का आरोप भी लगाया।
‘कोर्ट का समय बर्बाद नहीं करना चाहती’, रैलियों को लेकर बोलीं ममता
सार्वजनिक सभाओं की अनुमति को लेकर ममता बनर्जी ने प्रशासन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बार-बार रैलियों की अनुमति नहीं दिए जाने की स्थिति में वह हर कार्यक्रम के लिए अदालत का रुख करके कोर्ट का समय बर्बाद नहीं करना चाहतीं।
ममता बनर्जी ने कहा, ”प्रशासन रैली के लिए हर बार मना कर देता है, वो रैलियों के लिए कोर्ट का समय बर्बाद नहीं करना चाहती हैं. हम अपनी पसंद की जगहों पर मीटिंग करने के लिए लोगों की इजाजत लेंगे.”
उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी प्रशासनिक व्यवस्था का इस्तेमाल अपने राजनीतिक हितों के लिए कर रही है और इसके जरिए लोगों में भय का माहौल बनाया जा रहा है।
विधानसभा चुनाव और SIR को लेकर भी BJP पर निशाना
ममता बनर्जी ने अपने संबोधन में विधानसभा चुनाव का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने चुनाव आयोग का इस्तेमाल करके विधानसभा चुनाव को हाईजैक कर लिया था। उनका दावा है कि वोटर लिस्ट से लाखों नाम गैर-कानूनी तरीके से हटाए गए और वोटों की कथित हेराफेरी के लिए SIR का इस्तेमाल किया गया।
ममता बनर्जी ने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी पर भी निशाना साधा। फुटपाथ पर कारोबार करने वाले फेरीवालों को हटाए जाने के मुद्दे पर उन्होंने कहा, “फुटपाथ से फेरीवालों को आप हाट रहे हैं. आप बसा नहीं सकते, तो उन्हें हर महीने 25,000 रुपये का मुआवजा दें.”
Abhishek Banerjee ने भी बागियों को लेकर दिया बड़ा बयान
टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव और ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने भी पार्टी के भीतर बगावत को लेकर कड़ा रुख दिखाया। उन्होंने कहा कि एक भी गद्दार को पार्टी में वापस नहीं आने दिया जाएगा।
विधानसभा चुनाव में टीएमसी की हार के बाद पार्टी के 20 सांसदों के बगावत करने और अलग गुट बनाने का उल्लेख सामने आया था। इसके अलावा विधानसभा में भी कुछ विधायकों की ओर से बगावत की बात कही गई थी। अभिषेक बनर्जी का बयान इन्हीं नेताओं की ओर इशारा माना जा रहा है।















