दिल्ली में CJP के प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज और पुलिस कार्रवाई के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि NEET पेपर लीक, छात्रों की मौत और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, वह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
अखिलेश यादव का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा इसलिए नहीं मांग रही क्योंकि उसे अंदरूनी खुलासों का डर है।
‘इस्तीफा दिया तो कई राज सामने आ जाएंगे’ – अखिलेश यादव
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के सवाल पर अखिलेश यादव ने दावा किया, “इस्तीफे का दबाव इसलिए नहीं बन पा रहा है क्योंकि वह जानते हैं अगर इस्तीफा दे दिया तो धर्मेंद्र प्रधान दबे हुए राज भी ना खोल दें. कोई कल्पना नहीं कर सकता था कि आजादी के बाद इस तरह का व्यवहार किसी सरकार ने किया हो.”
उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों की मांगों पर जवाब देने के बजाय विरोध प्रदर्शन को दबाने की कोशिश कर रही है।
लाठीचार्ज की तुलना हिटलरशाही से की
प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर अखिलेश यादव ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा, “कई बच्चे जो दूर-दूर से चलकर आए, उनके साथ जो व्यवहार हुआ है, ऐसा हिटलरशाही में देखा है. कभी हिटलर ने अपने पॉलिटिकल लोगों के साथ मिलकर एक गैंग बनाया था. कुछ लोग सिविल ड्रेस में थे, जो लाठी लेकर लोगों को मार रहे थे. लोकतंत्र में यह कभी स्वीकार्य नहीं है. हम हिटलर से तुलना क्यों न करें?”
सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
समाजवादी पार्टी प्रमुख ने केंद्र सरकार पर छात्रों के साथ कठोर व्यवहार का आरोप लगाते हुए कहा, “सरकार की लाठियों से युवाओं, छात्रों का सिर फूट रहा है. आप आंसू गैस के गोले चला रहे हो, आप करंट लगा रहे हो. क्या यही सबका साथ सबका विकास है? अमृतकाल है? यह सरकार की जिम्मेदारी है कि पेपर लीक न हो. सदन में अभी भी नारे लगा रहे हैं, दान चोरी के बाद भी, इससे ज्यादा शर्म की बात क्या हो सकती है.”
NEET पेपर लीक और छात्रों के विरोध प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। विपक्ष सरकार से जवाबदेही तय करने और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़ा हुआ है, जबकि इस मुद्दे पर संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह सियासी घमासान जारी है।















