मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ राजनीतिक दलों का विरोध प्रदर्शन जारी है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में समाजवादी पार्टी (SP) के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त के पुतले पर कालिख पोती और उसे चप्पलों से पीटा। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और सपा कार्यकर्ताओं के बीच नोकझोंक भी हुई। बाद में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर इको गार्डन भेज दिया।
सपा कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका और चुनाव प्रक्रिया को लेकर कई आरोप लगाए। हालांकि, ये आरोप सपा कार्यकर्ताओं के दावे हैं।
सपा कार्यकर्ता ने लगाया वोट चोरी का आरोप
समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता अंकित यादव ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने 35 करोड़ से ज्यादा वोटों की चोरी करवा कर अलग-अलग राज्यों में बीजेपी की सरकार बनवाई है। उन्होंने इसे सीधे तौर पर लोकतंत्र की हत्या बताया।
अंकित यादव ने कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए समाजवादी पार्टी का संघर्ष सड़क से लेकर सदन तक जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र पर कालिख पोतने का काम किया गया है, इसलिए प्रदर्शन के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त के पुतले के चेहरे पर कालिख लगाई गई।
अखिलेश यादव लंबे समय से उठा रहे वोट चोरी का मुद्दा
सपा कार्यकर्ता जीतू कश्यप ने कहा कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव लंबे समय से वोट चोरी के मुद्दे पर अपनी आवाज उठा रहे हैं। उनके मुताबिक पार्टी की ओर से इस संबंध में कई साक्ष्य चुनाव आयोग में भी जमा किए गए हैं।
जीतू कश्यप ने दावा किया कि इसके बावजूद चुनाव आयोग ने इस मामले पर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसी स्थिति में 2027 के विधानसभा चुनाव निष्पक्ष तरीके से कैसे होंगे।
दिल्ली में विपक्षी गठबंधन की बैठक पर नजर
30 सितंबर को दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में इंडिया गठबंधन की बैठक होने की बात कही गई है। इसमें समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के शामिल होने की संभावना है। बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के मुद्दे पर चर्चा किए जाने की बात कही गई है।
बैठक में चुनाव आयुक्त के खिलाफ विपक्षी दलों की रणनीति और आगे के रुख पर मंथन होने की उम्मीद है। बैठक के बाद विपक्ष की ओर से इस मुद्दे पर आगे की रणनीति स्पष्ट हो सकती है।















