उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले की 10वीं वाहिनी PAC के आरक्षी देवेंद्र गुप्ता का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में आरक्षी ने PAC जवानों के रहने, खाने, बिजली-पानी और साफ-सफाई जैसी मूलभूत व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठाए हैं। वहीं, 10वीं वाहिनी PAC की ओर से इस मामले में ऑन कैमरा बयान देने से अधिकारी बच रहे हैं। विभाग की ओर से जारी लिखित जानकारी में वायरल वीडियो में दिखाई गई जगह का आरक्षी की ड्यूटी से कोई संबंध नहीं होने का दावा किया गया है और मामले में विभागीय जांच की बात कही गई है।
PAC जवान ने सुविधाओं को लेकर उठाए सवाल
वायरल वीडियो में देवेंद्र गुप्ता खुद को PAC जवान बताते हुए अपनी बात अधिकारियों और मुख्यमंत्री तक पहुंचाने की बात कहते नजर आ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि PAC जवान कठिन परिस्थितियों में 24 घंटे ड्यूटी के लिए तैयार रहते हैं, लेकिन कई स्थानों पर उन्हें रहने के लिए जर्जर और असुविधाजनक जगहों पर रहना पड़ता है।
आरक्षी ने वीडियो में आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर पीने के पानी, बिजली और साफ-सफाई जैसी मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था भी जवानों को स्वयं करनी पड़ती है। उनका दावा है कि सफाई के लिए फिनाइल जैसी जरूरी सामग्री भी जवान अपने खर्च से खरीदते हैं।
देवेंद्र गुप्ता ने रहने की स्थिति का जिक्र करते हुए मच्छर, सांप, कुत्ते, बिल्ली और बंदरों की समस्या का भी दावा किया। इसके अलावा उन्होंने PAC मेस में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए अधिकारियों से व्यवस्थाओं की नियमित जांच करने की मांग की।
अधिकारियों के निरीक्षण को लेकर भी उठाया सवाल
आरक्षी का आरोप है कि अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान जवानों की उपस्थिति, वर्दी और बेल्ट जैसी चीजों पर विशेष ध्यान दिया जाता है, लेकिन जवानों के रहने, बाथरूम और दूसरी मूलभूत सुविधाओं की स्थिति पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता।
वीडियो में देवेंद्र गुप्ता ने मुख्यमंत्री से पुलिसकर्मियों की समस्याओं का संज्ञान लेने और व्यवस्थाओं में सुधार की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस व्यवस्था तभी मजबूत होगी, जब जवानों की मूलभूत सुविधाओं और कल्याण पर ध्यान दिया जाएगा।
10वीं वाहिनी PAC ने वीडियो को बताया भ्रामक
वहीं, 10वीं वाहिनी PAC बाराबंकी की ओर से जारी लिखित जानकारी में कहा गया है कि आरक्षी देवेंद्र गुप्ता शांति व्यवस्था ड्यूटी के सिलसिले में सुल्तानपुर आए हैं और उनका व्यवस्थापन जेल चौकी परिसर में किया गया है।
विभाग के मुताबिक वायरल वीडियो में दिखाई गई जगह की PAC और स्थानीय पुलिस अधिकारियों द्वारा जांच की गई। जांच में यह पाया गया कि वीडियो में दिखाए गए स्थान का आरक्षी की ड्यूटी से कोई संबंध नहीं है।
लिखित जानकारी के अनुसार, जेल चौकी परिसर में, जहां संबंधित PAC जवान ड्यूटी कर रहे हैं, मूलभूत व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं। विभाग ने वायरल वीडियो को भ्रामक बताया है। 10वीं वाहिनी PAC के अनुसार मामले की विभागीय जांच कराई जा रही है और जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
विभाग ने यह भी कहा है कि आरक्षी द्वारा तैयार किए गए वीडियो से उत्तर प्रदेश पुलिस सोशल मीडिया पॉलिसी-2023 और उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक आचरण नियमावली-1956 के नियमों के उल्लंघन का मामला बनता है।
सोशल मीडिया पोस्ट के बजाय विभागीय प्रक्रिया अपनाने की बात
उत्तर प्रदेश पुलिस की सोशल मीडिया संबंधी आधिकारिक गाइडलाइन में पुलिसकर्मियों को सेवा संबंधी मामलों के समाधान के लिए सोशल मीडिया पर वीडियो या पोस्ट डालने के बजाय विभागीय प्रक्रिया अपनाने की बात कही गई है।
अब इस मामले में विभागीय जांच के नतीजे का इंतजार है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों की जांच में क्या निष्कर्ष सामने आता है और आरक्षी देवेंद्र गुप्ता के खिलाफ विभाग की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है।














