महिला पहलवानों से जुड़े मामले में अदालत से बरी होने के बाद कैसरगंज के पूर्व सांसद और भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पहली बार अयोध्या पहुंचे। महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से लेकर हनुमानगढ़ी मंदिर तक समर्थकों ने फूल-मालाओं और नारों के साथ उनका भव्य स्वागत किया।
हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन करने और संतों का आशीर्वाद लेने के बाद वह गोंडा के लिए रवाना हो गए। इस दौरान मीडिया द्वारा पूछे गए सवालों पर उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और केवल ‘जय श्री राम’ का उद्घोष किया।
एयरपोर्ट से मंदिर तक समर्थकों का लगा काफिला
अदालत से राहत मिलने के बाद शुक्रवार को बृजभूषण शरण सिंह अयोध्या पहुंचे। महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक उनका स्वागत करने पहुंचे। समर्थकों का दावा है कि एयरपोर्ट से हनुमानगढ़ी मंदिर तक सैकड़ों वाहनों का काफिला उनके साथ चला।
हनुमानगढ़ी पहुंचने पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उनका स्वागत किया गया। इस अवसर पर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के प्रवक्ता संजय दास, मंदिर के संत-महंत और मुख्य पुजारी हेमंत दास मौजूद रहे। बृजभूषण शरण सिंह ने मंदिर में पूजा-अर्चना की और महंत ज्ञान दास से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया।
मीडिया के सवालों पर साधी चुप्पी
मंदिर परिसर में पत्रकारों ने अदालत के फैसले और अन्य राजनीतिक मुद्दों को लेकर उनसे सवाल पूछने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने किसी भी प्रश्न का उत्तर नहीं दिया। उन्होंने केवल ‘जय श्री राम’ का उद्घोष किया और बिना कोई बयान दिए गोंडा के लिए रवाना हो गए।
बेटे प्रतीक भूषण सिंह ने क्या कहा?
बृजभूषण शरण सिंह के बेटे और गोंडा सदर से विधायक प्रतीक भूषण सिंह ने इसे परिवार के लिए भावुक और महत्वपूर्ण पल बताया। उन्होंने कहा कि परिवार को शुरू से भरोसा था कि उनके पिता निर्दोष हैं और अदालत के फैसले ने उनके विश्वास को सही साबित किया है।
प्रतीक भूषण सिंह ने आरोप लगाया कि उनके पिता को राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया गया था।
समर्थकों में दिखा उत्साह
अदालत के फैसले के बाद बृजभूषण शरण सिंह के समर्थकों में उत्साह देखने को मिला। अयोध्या के विभिन्न स्थानों पर उनका स्वागत किया गया और समर्थकों ने अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए खुशी जाहिर की।














