उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेंगलुरु में आयोजित ग्लोबल ग्रोथ डायलॉग कार्यक्रम में राज्य की विकास यात्रा को लेकर बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने अपनी पहचान पूरी तरह बदल दी है और आज यह भारत के “3S मॉडल” यानी सुरक्षा (Security), स्थिरता (Stability) और स्पीड (Speed) का प्रतीक बन चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेश और उद्योगों के लिए जरूरी सभी प्रमुख तत्व अब उत्तर प्रदेश में उपलब्ध हैं।
‘9 साल पहले यूपी की छवि अलग थी’
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि नौ साल पहले तक उत्तर प्रदेश को एक बीमारू राज्य के रूप में देखा जाता था। उन्होंने कहा कि उस समय राज्य की छवि निवेश और विकास के लिहाज से सकारात्मक नहीं थी तथा शासन व्यवस्था में कई चुनौतियां दिखाई देती थीं।
मुख्यमंत्री के अनुसार, आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है और उत्तर प्रदेश ने खुद को मजबूत कानून व्यवस्था और बेहतर प्रशासन वाले राज्य के रूप में स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में निवेशक राज्य में सुरक्षित वातावरण में कारोबार और निवेश कर सकते हैं।
यूपी बना 3S मॉडल का प्रतीक
सीएम योगी ने कहा कि उद्योग जगत के लिए सुरक्षा, स्थिरता और तेज गति से फैसले लेने की क्षमता सबसे महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश आज इन तीनों मानकों पर खरा उतर रहा है।
उनके मुताबिक, मजबूत कानून व्यवस्था, स्थिर नीतियां और तेजी से विकसित होता औद्योगिक ढांचा उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख निवेश गंतव्यों में शामिल कर रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य ने निवेशकों का भरोसा जीतने में सफलता हासिल की है।
दुनिया की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के साथ बढ़ रहा यूपी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से उभरती अर्थव्यवस्थाओं में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है। उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में देश और उत्तर प्रदेश दोनों की विकास यात्रा में उल्लेखनीय परिवर्तन देखने को मिला है।
उद्यमियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में निवेशकों को वे सभी अवसर मिलेंगे, जिनकी उन्हें जरूरत है। उन्होंने कहा कि राज्य में उपलब्ध संसाधन, बाजार और मानव शक्ति इसे निवेश के लिए एक आकर्षक केंद्र बनाते हैं।
निवेशकों के सामने पेश की गई यूपी की विकास गाथा
बैठक के दौरान निवेशकों को उत्तर प्रदेश की निवेश-अनुकूल नीतियों, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस सुधारों, पारदर्शी प्रशासन, जवाबदेह शासन व्यवस्था और कुशल मानव संसाधन की जानकारी दी गई।
राज्य सरकार की ओर से औद्योगिक विकास, बुनियादी ढांचे के विस्तार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए किए गए प्रयासों को भी विस्तार से प्रस्तुत किया गया। अधिकारियों ने प्रदेश में विकसित हो रहे औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र की विशेषताओं पर भी प्रकाश डाला।
निवेशकों ने जताया भरोसा
कार्यक्रम में शामिल निवेशकों ने उत्तर प्रदेश की नई कार्यसंस्कृति और निवेशक-केंद्रित दृष्टिकोण की सराहना की। कई उद्यमियों ने राज्य में निवेश विस्तार को लेकर सकारात्मक संकेत दिए और सरकार के साथ आगे भी सहयोग बढ़ाने की इच्छा जताई।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना और कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। बैठक के दौरान निवेशकों और सरकार के बीच विभिन्न क्षेत्रों में संभावित निवेश को लेकर चर्चा हुई।















