दिल्ली में शनिवार को प्रस्तावित कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन से पहले कानूनी विवाद खड़ा हो गया है। इस प्रदर्शन को रोकने की मांग को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई, लेकिन अदालत ने मामले की तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि याचिका पर निर्धारित प्रक्रिया और समय के अनुसार ही सुनवाई की जाएगी।
विरोध प्रदर्शन के खिलाफ हाईकोर्ट में पहुंचा मामला
कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा 6 जून को दिल्ली में आयोजित किए जाने वाले विरोध प्रदर्शन के खिलाफ सेव इंडिया फाउंडेशन नामक संगठन ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। याचिका में मांग की गई है कि सार्वजनिक आंदोलनों और विरोध प्रदर्शनों को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन कराया जाए।
याचिकाकर्ता ने मामले की जल्द सुनवाई की मांग भी की थी, लेकिन हाईकोर्ट ने इसे स्वीकार नहीं किया और कहा कि सुनवाई तय कार्यक्रम के अनुसार होगी।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की तैयारी, अनुमति पर सवाल
जानकारी के मुताबिक कॉकरोच जनता पार्टी के नेता अभिजीत दीपके अमेरिका से भारत के लिए रवाना हो चुके हैं और शनिवार सुबह दिल्ली पहुंचने वाले हैं। उनके नेतृत्व में जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में समर्थकों के जुटने और प्रदर्शन किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
हालांकि रिपोर्टों के अनुसार, इस प्रस्तावित प्रदर्शन के लिए अभी तक दिल्ली पुलिस से औपचारिक अनुमति नहीं ली गई है। ऐसे में प्रशासन और आयोजकों के बीच टकराव की स्थिति बनने की आशंका भी जताई जा रही है।
भारत रवाना होते हुए अभिजीत दीपके का संदेश
अमेरिका से भारत लौटते समय अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए अपने समर्थकों को संदेश दिया। उन्होंने कहा, ‘भारत के लिए निकल गया हूं. मैं अपना भविष्य संविधान के हाथों में छोड़ता हूं. जय भीम.’
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि वे किस उड़ान से दिल्ली पहुंच रहे हैं और राजधानी में उनका आगमन किस समय होगा।
सेव इंडिया फाउंडेशन पहले भी रहा है विवादों में
जिस संगठन ने इस मामले में याचिका दायर की है, वह पहले भी न्यायालय की टिप्पणियों का सामना कर चुका है। फरवरी में दिल्ली हाईकोर्ट ने सेव इंडिया फाउंडेशन को फटकार लगाई थी। अदालत ने संगठन पर मस्जिदों, दरगाहों और वक्फ संपत्तियों से जुड़े मामलों में बार-बार आधारहीन जनहित याचिकाएं दाखिल करने का आरोप लगाया था।
उस दौरान हाईकोर्ट ने कहा था कि ऐसी याचिकाएं न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग करने के साथ-साथ सामाजिक और साम्प्रदायिक तनाव को भी बढ़ावा दे सकती हैं।
अब अदालत और प्रशासन की भूमिका पर नजर
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर हलचल बढ़ गई है। एक तरफ प्रदर्शन की तैयारियां चल रही हैं, तो दूसरी ओर इसकी वैधता और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अब सभी की नजर दिल्ली प्रशासन, पुलिस और हाईकोर्ट की आगामी सुनवाई पर टिकी हुई है।















