उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सियासी बयानबाजी तेज होती जा रही है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की हालिया टिप्पणी पर राष्ट्रीय लोक दल (RLD) के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन उनकी बयानबाजी उन सहयोगियों को सोचने पर मजबूर कर रही है, जो पहले या अब तक उनके साथ खड़े रहे हैं।
जयंत चौधरी ने बुधवार को दिल्ली में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गुर्जर नेताओं के साथ बैठक भी की। इस बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति और पश्चिमी यूपी की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों पर चर्चा हुई। बैठक में पूर्व सांसद मलूक नागर, सांसद चंदन चौहान समेत RLD के कई गुर्जर नेता मौजूद रहे।
Jayant Chaudhary बोले- सहयोगियों को सोचने पर मजबूर कर रहे हैं
अखिलेश यादव के सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर पूछे गए सवाल पर जयंत चौधरी ने कहा, “वो अपनी बात कहें तो अच्छा है, उनके साथ खड़े होने वाले हर सहयोगी, जिन्होंने आज तक उनका सहयोग किया हो या आज भी उनके साथ खड़े हों, उनको वो इस तरह की बयानबाजी से सोचने पर मजबूर कर रहे हैं.”
जयंत चौधरी ने आगे लोकतंत्र का हवाला देते हुए कहा, “बाकी लोकतंत्र है, जनता सबको बनाती है. जनता जनार्दन है.”
वहीं, जब उनसे अखिलेश यादव की ओर से की गई ‘चवन्नी’ वाली टिप्पणी को लेकर सवाल किया गया तो जयंत चौधरी ने साफ कहा, “ये उनको पूछिए.”
West UP में RLD संगठन मजबूत करने पर फोकस
जयंत चौधरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीतिक स्थिति और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर मंथन किया गया। RLD का फोकस पश्चिमी यूपी में संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ अपने सामाजिक समीकरण को और प्रभावी बनाने पर है।
पार्टी की ओर से क्षेत्र में नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ लगातार संवाद बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। बुधवार की बैठक को भी आगामी चुनाव के लिए RLD की तैयारियों के इसी क्रम से जोड़कर देखा जा रहा है।
अखिलेश यादव की ‘चवन्नी से रुपया’ वाली टिप्पणी पर विवाद
दरअसल, हाल ही में अखिलेश यादव ने बिना किसी का नाम लिए गठबंधन को लेकर टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था, “हमारे साथ गठबंधन के लिए कहां-कहां से लोग आ गए थे. हमने चवन्नी से रुपया बना दिया फिर भी छोड़कर चले गए.”
अखिलेश यादव की इस टिप्पणी को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई थी। इसके साथ ही सपा प्रमुख ने बीजेपी के सहयोगी दलों पर निशाना साधते हुए एक सोशल मीडिया पोस्ट भी किया था, जिसमें उन्होंने NDA की सीटों की संख्या का जिक्र किया था।
अखिलेश यादव ने दावा किया था कि RLD को NDA में 73 सीटें मिलेंगी। इसी राजनीतिक बयानबाजी के बीच जयंत चौधरी का ताजा बयान सामने आया है, जिससे उत्तर प्रदेश में 2027 चुनाव से पहले संभावित गठबंधन और राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चा और तेज हो गई है।















