केरल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस ने चुनावी मैदान में ताकत झोंकते हुए अपने 40 स्टार प्रचारकों की सूची जारी कर दी है। इस सूची में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से लेकर कई राष्ट्रीय और क्षेत्रीय नेताओं को शामिल किया गया है, जिससे राज्य में चुनावी मुकाबला और दिलचस्प होने की उम्मीद है।
कांग्रेस के स्टार प्रचारकों में बड़े नेताओं को जगह
कांग्रेस द्वारा जारी स्टार प्रचारकों की सूची में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सीपीपी चेयरपर्सन सोनिया गांधी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, महासचिव केसी वेणुगोपाल, प्रियंका गांधी वाड्रा और शशि थरूर समेत कुल 40 नेताओं को शामिल किया गया है।
सूची में शामिल अन्य प्रमुख नामों में एक एंटोनी, दीपा दासमुंशी, सिद्दारमैया, रेवंत रेड्डी, डीके शिवकुमार, मुकुल वासनिक, सचिन पायलट, सनी जोसेफ, वीडी साथीशन, रमेश चेन्नीथाला, के सुधाकरण, कोडीकुन्नील सुरेश, अदूर प्रकाश, मुल्लापल्ली रामचंद्रन, वीएम सुधीरन, एमएम हसन, के मुरलीधरन, पीजे कुरियन, बेन्नी बेहनान, एमकी राघवन, शाफी परमबिल, एंटो एंटोनी, राजमोहन उन्नीथन, केजे जॉर्ज, जमीर अहमद खान, जेपी माथेर, इमरान प्रतापगढ़ी, कन्हैया कुमार, मोहम्मद अजरुद्दीन, केसी जोसेफ, दीप्ती मेरी बर्गिश, शमा मोहम्मद, जोसेफ वाजहाकन और एलोशियस जेवियर शामिल हैं।
कब होंगे चुनाव और कब आएंगे नतीजे
चुनाव आयोग पहले ही केरल विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर चुका है। राज्य में एक ही चरण में मतदान कराया जाएगा। 9 अप्रैल को पूरे केरल में वोटिंग होगी, जबकि 4 मई को अन्य राज्यों के साथ चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे।
चुनाव कार्यक्रम के अनुसार 16 मार्च को अधिसूचना जारी हुई थी। 23 मार्च से नामांकन दाखिल किए गए, 24 मार्च को उनकी जांच हुई और 26 मार्च तक उम्मीदवारों को नाम वापस लेने का मौका दिया गया। केरल विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल 23 मई को समाप्त हो रहा है और तारीखों की घोषणा के साथ ही राज्य में आचार संहिता लागू हो चुकी है।
केरल में बन सकता है त्रिकोणीय मुकाबला
राज्य की राजनीति इस बार दिलचस्प मोड़ पर दिखाई दे रही है। बीजेपी के बढ़ते राजनीतिक प्रभाव के बीच कांग्रेस और वाम दलों के साथ मुकाबला त्रिकोणीय होने की संभावना जताई जा रही है।
सीपीआईएम नेता हन्नान मोल्लाह ने एक बयान देते हुए कहा, “केरल में बीजेपी के जीतने की कोई उम्मीद नहीं है. उन्हें कुछ सीटें ही मिलेंगी. वे मुकाबले को त्रिकोणीय करने की कोशिश करेंगे. पहले यहां कांग्रेस और हमारे यानी सीपीआई के बीच होता था. इस बार बीजेपी का वोट समर्थन बढ़ा है. इतना नहीं बढ़ा है कि वे किसी को चुनौती दे सकें. सत्ता में आने की संभावना नहीं है.”
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि स्टार प्रचारकों की यह सूची कांग्रेस के लिए चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा साबित हो सकती है, जिससे राज्य में प्रचार अभियान को नई गति मिलेगी।














