कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार को दिल्ली में INDIA गठबंधन के सांसदों के लिए लंच का आयोजन किया है। इस दौरान विपक्षी सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाकात की मांग को लेकर एक पत्र पर हस्ताक्षर करेंगे। लंच दोपहर 1:30 बजे जनपथ स्थित सागर रत्ना में आयोजित किया गया है, जहां सांसदों के लिए साउथ इंडियन फूड का इंतजाम रहेगा।
यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब एक दिन पहले 6 अक्टूबर को INDIA गठबंधन के सांसदों ने चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाकात की मांग की थी।
राहुल गांधी ने चुनाव आयोग से मुलाकात को लेकर उठाए सवाल
6 अक्टूबर को प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष लोकतंत्र को बचाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने बताया कि विपक्षी सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और उनके साथियों से मिलना चाहते थे।
राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि चुनाव आयोग का काम सही तरीके से चुनाव कराना है, फिर ज्ञानेश कुमार विपक्षी सांसदों से मिलने से क्यों डर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर लोकसभा और राज्यसभा के सांसदों से चुनाव आयुक्त मुलाकात नहीं करेंगे तो लोकतंत्र का क्या मतलब रह जाएगा।
‘300 सांसद चुनाव आयुक्त से मिलना चाहते थे’
राहुल गांधी ने दावा किया कि करीब 300 सांसद ज्ञानेश कुमार और दो अन्य चुनाव आयुक्तों से मुलाकात करना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। उन्होंने कहा कि ये सभी चुने हुए प्रतिनिधि हैं और उन्हें समझ नहीं आ रहा कि उन्हें क्यों रोका गया।
उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव आयोग का कार्यालय प्रदर्शन स्थल से करीब 50 मीटर की दूरी पर था, इसके बावजूद विपक्षी सांसदों को वहां जाने की अनुमति नहीं दी गई। राहुल गांधी ने इसे लोकतंत्र से जुड़ा सवाल बताते हुए चुनाव आयोग से सांसदों से मुलाकात करने की मांग दोहराई।
राहुल गांधी ने मोदी, शाह और भागवत का लिया नाम
प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि चाहे नरेंद्र मोदी हों, अमित शाह, ज्ञानेश कुमार या मोहन भागवत, किसी को भी कार्रवाई से बचाया नहीं जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि इन लोगों ने देश को नुकसान पहुंचाया है।
राहुल गांधी ने आगे कहा कि विपक्ष सिर्फ बीजेपी का मुकाबला नहीं करेगा, बल्कि उसे खत्म करने की बात भी कही। उन्होंने पूरे मामले को देश के साथ किए गए व्यवहार से जोड़ते हुए इसे ‘देशद्रोह’ बताया और कहा कि कोई भी बच नहीं पाएगा।
पुलिस पर मीडियाकर्मियों को हटाने का आरोप
राहुल गांधी ने प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर मीडियाकर्मियों को प्रदर्शन स्थल से हटाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्षी सांसदों को चुनाव आयोग तक जाने से रोका गया, जबकि वे चुने हुए जनप्रतिनिधि हैं।
6 अक्टूबर के प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया था। प्रदर्शन कर रहे विपक्षी सांसदों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की थी।
चुनाव आयोग ने बताया क्यों नहीं हुई मुलाकात
वहीं, चुनाव आयोग ने भी 6 अक्टूबर की घटना को लेकर अपना पक्ष रखा। आयोग ने कहा कि शाम 4 बजे तक किसी राजनीतिक दल की ओर से अधिकृत प्रतिनिधि के जरिए मुलाकात के लिए कोई औपचारिक अनुरोध नहीं मिला था।
चुनाव आयोग के मुताबिक, करीब 4 बजे दिल्ली पुलिस ने उसे राहुल गांधी के नेतृत्व में सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल के मुलाकात करने और ज्ञापन सौंपने की जानकारी दी थी।
अब मल्लिकार्जुन खरगे की ओर से आयोजित इस लंच बैठक में INDIA गठबंधन के सांसद चुनाव आयोग से मुलाकात की मांग को लेकर पत्र पर हस्ताक्षर करेंगे। ऐसे में बुधवार की यह बैठक विपक्ष की आगे की रणनीति के लिहाज से अहम मानी जा रही है।















