उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। हादसे में कई बच्चों की मौत की खबर सामने आने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा दुख व्यक्त किया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने तत्काल उच्चस्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं और खुद भी लखनऊ लौटने का फैसला किया।
बच्चों की मौत पर भावुक हुए मुख्यमंत्री योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर दुख जताते हुए कहा, “मेरी हार्दिक इच्छा थी कि आज मैं अलीगढ़ में रहूं, लेकिन मुझे दुख के साथ कहना पड़ रहा है”. अभी-अभी मुझे जानकारी मिली है कि लखनऊ में एक अग्निकांड की दुखद घटना हुई है, उसकी चपेट में कुछ बच्चे आए हैं और उनकी दुखद मौत हुई है. इसलिए मुझे तत्काल वापस जाना पड़ रहा है.
उन्होंने आगे कहा कि, “जिन्होंने हादसे में जान खोई उनके परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं.”
DGP और ACS गृह को दिए जांच के निर्देश
मुख्यमंत्री ने इस पूरे मामले को अत्यंत गंभीर मानते हुए पुलिस महानिदेशक (DGP) और अपर मुख्य सचिव (गृह) को तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि वह स्वयं भी मौके के लिए रवाना हो रहे हैं, ताकि घटना की पूरी जानकारी ली जा सके, जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके और पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी जा सके।
दुकान में लगी आग, ऊपर चल रहा था कोचिंग सेंटर
यह दर्दनाक हादसा सोमवार को लखनऊ के अलीगंज थाना क्षेत्र के पुरनिया इलाके में हुआ। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग एक दुकान में लगी थी, जिसके ऊपर के फ्लोर पर कोचिंग सेंटर संचालित किया जा रहा था।
आग लगते ही पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने के बाद स्थानीय लोग और प्रशासनिक टीमें मौके पर पहुंचीं तथा राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। लोगों ने भी फंसे हुए व्यक्तियों को बाहर निकालने में प्रशासन की मदद की।
स्थानीय लोगों ने कई लोगों को बचाया
घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि भवन में लाइब्रेरी या कंप्यूटर कोर्स से जुड़ा एक संस्थान भी संचालित हो रहा था। उन्होंने सबसे पहले इमारत से धुआं निकलते देखा, जिसके बाद बचाव कार्य शुरू किया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उन्होंने 5 से 6 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक व्यक्ति ने जान बचाने के लिए इमारत से छलांग लगा दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
ब्रजेश पाठक बोले- धुएं के कारण हर कमरे की हो रही जांच
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी घटनास्थल का दौरा किया और राहत कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा, “अभी ऊपरी मंजिल पर कोई नहीं है और पहली मंजिल की दीवार तोड़कर भी कर्मचारी अंदर गए हैं, मगर धुंआ ज्यादा होने की वजह से एक-एक कमरे की जांच की जा रही है.”
उन्होंने बताया कि बचाव दल पूरी सावधानी के साथ इमारत की तलाशी ले रहा है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई व्यक्ति अंदर फंसा न रह गया हो।
राहत और बचाव अभियान जारी
फिलहाल प्रशासन, दमकल विभाग और पुलिस की टीमें मौके पर मौजूद हैं। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि भवन में सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।
इस दुखद घटना के बाद पूरे प्रदेश में शोक का माहौल है और सभी की नजर प्रशासनिक जांच तथा आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है।















