ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने भारत की ऊर्जा नीति और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि मोदी के नेतृत्व में भारत ने ऊर्जा क्षेत्र तक लोगों की पहुंच बढ़ाने में ऐसा विस्तार देखा है, जिसकी तुलना मानव इतिहास के किसी भी दशक, क्षेत्र या देश से नहीं की जा सकती।
एंथनी अल्बानीज ने PM मोदी को दिया ऊर्जा पहुंच बढ़ाने का श्रेय
एशिया सोसाइटी पॉलिसी इंस्टीट्यूट के एक कार्यक्रम में बोलते हुए एंथनी अल्बानीज ने कहा है कि भारत में ऊर्जा तक पहुंच बढ़ाने का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जाता है। उन्होंने कहा कि मोदी के कार्यकाल में भारत में जितने लोगों को ऊर्जा तक पहुंच मिली है, उतनी मानव इतिहास के किसी भी दशक या सेक्टर में किसी देश को नहीं मिली है।
मोदी के साथ ऑस्ट्रेलिया के रिश्ते बेहद करीबी
ऑस्ट्रेलियाई पीएम ने भारत और ऑस्ट्रेलिया के संबंधों को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ ऑस्ट्रेलिया के रिश्ते बेहद करीबी हैं। अल्बानीज ने कहा, “उनके साथ हमारे मजबूत संबंध हैं।”
अल्बानीज की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा को लेकर दबाव बना हुआ है। मीडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच हॉर्मुज पर जहाजों की आवाजाही रुकी हुई है। ऐसे हालात में पाकिस्तान और बांग्लादेश ऊर्जा की कमी से जूझ रहे हैं, जबकि भारत ने काफी हद तक अपनी ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर बनाए रखा है। इस दौरान ईंधन की कीमतों में भी सीमित बढ़ोतरी हुई है।
41 देशों से कच्चा तेल, LPG और PNG खरीद रहा भारत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही भारत की ऊर्जा सुरक्षा और आयात के स्रोतों को बढ़ाने की बात कह चुके हैं। पीएम मोदी के मुताबिक, भारत अब 41 देशों से कच्चा तेल, LPG और PNG खरीदता है। यानी देश ने अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए आयात के स्रोतों का विस्तार किया है।
मई में बजट सत्र के दौरान लोकसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि भारत पहले 27 देशों से ऊर्जा आयात करता था, लेकिन अब यह संख्या बढ़कर 41 देशों तक पहुंच गई है।
वहीं, भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा है कि भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा की जरूरतों और वैश्विक बाजार की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए विभिन्न देशों से तेल प्राप्त करना जारी रखे हुए है।















