उत्तर प्रदेश को चार हिस्सों में बांटने का मुद्दा एक बार फिर सुर्खियों में है। देवरिया के सोनूघाट स्थित जनता इंटर कॉलेज में आयोजित ‘सामाजिक समरसता महारैली’ में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और यूपी सरकार के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने प्रदेश के विभाजन को लेकर बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में उत्तर प्रदेश का चार हिस्सों में बंटना तय है। साथ ही उन्होंने कहा कि अगर पूर्वांचल अलग राज्य बनता है तो वहां पहला मुख्यमंत्री राजभर समाज से होगा।
चार हिस्सों में बंटेगा उत्तर प्रदेश? ओपी राजभर ने कही ये बात
ओम प्रकाश राजभर ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य है और भविष्य में इसका विभाजन होना तय है। उनके मुताबिक यह बंटवारा कब होगा, यह आज, कल या आने वाले समय में हो सकता है, लेकिन प्रदेश के चार हिस्सों में विभाजन की संभावना उन्होंने निश्चित तौर पर जताई।
राजभर ने कहा, “पूर्वांचल में इतनी आबादी है और सबसे बड़ी बात है कि देश का सबसे बड़ा राज्य उत्तर प्रदेश है तथा एक न एक दिन इसका बंटवारा होना ही है. वो चाहे आज हो, चाहे कल हो, चाहे परसों हो, ये होना तय है. लेकिन जिस दिन चार भागों में उत्तर प्रदेश का बंटवारा होगा, तो निश्चित है कि पूर्वांचल में आबादी जिस तरह की है और हम अंबेडकर नगर में हैं, तो जिससे भी गठबंधन होगा, गठबंधन में वो निश्चित है कि पहला मुख्यमंत्री राजभर का बेटा ही होगा.”
पूर्वांचल राज्य बना तो बेटे को CM बनाने का दावा
राजभर ने उत्तर प्रदेश के संभावित विभाजन को पूर्वांचल राज्य की मांग से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि जिस समय पूर्वांचल अलग राज्य के रूप में अस्तित्व में आएगा, उस समय राजभर समाज के बेटे को पहला मुख्यमंत्री बनाने की बात गठबंधन की स्थिति में उनकी ओर से रखी जाएगी। इस बयान के बाद यूपी में अलग पूर्वांचल राज्य को लेकर राजनीतिक चर्चा फिर तेज हुई है।
हालांकि, यह ओम प्रकाश राजभर का राजनीतिक दावा है। फिलहाल उत्तर प्रदेश को चार अलग राज्यों में बांटने को लेकर कोई नया प्रशासनिक फैसला सामने नहीं आया है।
27 फीसदी OBC Reservation में हिस्सेदारी की मांग
रैली के दौरान ओम प्रकाश राजभर ने पिछड़ी जातियों के लिए 27 फीसदी आरक्षण के भीतर हिस्सेदारी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने मांग की कि इस आरक्षण का लाभ विभिन्न पिछड़ी जातियों को उनकी आबादी के अनुपात के आधार पर मिलना चाहिए। उनका कहना है कि आरक्षण का लाभ कुछ सीमित जातियों तक ही केंद्रित नहीं रहना चाहिए।
2011 में मायावती सरकार ने भी रखा था UP को चार हिस्सों में बांटने का प्रस्ताव
उत्तर प्रदेश को छोटे राज्यों में बांटने की चर्चा नई नहीं है। वर्ष 2011 में तत्कालीन मायावती सरकार ने विधानसभा के जरिए राज्य को चार हिस्सों में पुनर्गठित करने का प्रस्ताव आगे बढ़ाया था। उस प्रस्ताव में पूर्वांचल, पश्चिम प्रदेश, अवध प्रदेश और बुंदेलखंड को अलग-अलग राज्य बनाने की बात थी।
मायावती सरकार के प्रस्ताव के बाद इसे केंद्र सरकार को भेजा गया था, लेकिन नए राज्यों के गठन पर अंतिम निर्णय संसद के माध्यम से केंद्र स्तर पर होना है। उस समय इस दिशा में कोई अंतिम प्रशासनिक फैसला नहीं हुआ था।
फिर चर्चा में आया UP Division का मुद्दा
ओम प्रकाश राजभर के ताजा बयान ने उत्तर प्रदेश के पुनर्गठन और अलग पूर्वांचल राज्य की पुरानी बहस को एक बार फिर राजनीतिक चर्चा में ला दिया है। उनके बयान में प्रदेश के चार हिस्सों में विभाजन और पूर्वांचल के मुख्यमंत्री के तौर पर राजभर समाज के बेटे को लेकर दावा प्रमुख रूप से सामने आया है।















