NEET पेपर लीक मामले को लेकर कांग्रेस अब देशव्यापी आंदोलन शुरू करने जा रही है। छात्रों में बढ़ते आक्रोश और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के मुद्दे को लेकर पार्टी चार बड़ी छात्र महारैलियों का आयोजन करेगी। इन कार्यक्रमों में कांग्रेस नेता Rahul Gandhi छात्रों से सीधे संवाद करेंगे और उनकी समस्याओं को सुनेंगे।
इस अभियान की शुरुआत 17 जून को राजस्थान के कोटा से होगी, जहां राहुल गांधी बड़ी छात्र महारैली को संबोधित करेंगे। कांग्रेस का मानना है कि कोटा से उठने वाली आवाज देशभर के छात्रों तक पहुंचेगी और इस मुद्दे पर राष्ट्रीय बहस को मजबूती मिलेगी।
कोटा से क्यों शुरू हो रहा है अभियान?
राजस्थान का कोटा देश का सबसे बड़ा कोचिंग हब माना जाता है। हर साल यहां दो लाख से अधिक छात्र मेडिकल और इंजीनियरिंग सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए पहुंचते हैं। बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, ओडिशा और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों के विद्यार्थी यहां अध्ययन करते हैं।
इसी वजह से कांग्रेस ने अपने छात्र आंदोलन की शुरुआत कोटा से करने का फैसला लिया है। पार्टी का मानना है कि यहां से दिया गया संदेश देशभर के युवाओं और अभ्यर्थियों तक प्रभावी तरीके से पहुंचेगा।
छात्रों से संवाद कर युवाओं तक पहुंचेंगे राहुल गांधी
कांग्रेस की रणनीति के तहत राहुल गांधी कोटा में छात्रों से सीधे बातचीत करेंगे। पार्टी का उद्देश्य छात्रों की समस्याओं, पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों जैसे मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाना है।
साथ ही, संगठनात्मक दृष्टि से राजस्थान में कांग्रेस का ढांचा अपेक्षाकृत मजबूत माना जाता है। ऐसे में राहुल गांधी के कार्यक्रम से पार्टी कार्यकर्ताओं को भी नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
चार शहरों में होंगी बड़ी छात्र महारैलियां
कांग्रेस ने देशभर में चार बड़े छात्र सम्मेलनों और महारैलियों का कार्यक्रम तय किया है। इसके तहत 17 जून को कोटा, 10 जुलाई को प्रयागराज, 11 जुलाई को पटना और 14 जुलाई को दिल्ली में छात्र महारैलियों का आयोजन किया जाएगा।
कांग्रेस संगठन महासचिव K. C. Venugopal ने बताया कि इन सम्मेलनों में प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों, छात्र संगठनों, शिक्षकों और पेपर लीक से प्रभावित युवाओं को एक मंच पर लाया जाएगा।
युवाओं के मुद्दों को राष्ट्रीय मंच देने की तैयारी
कांग्रेस का कहना है कि यह अभियान उन लाखों युवाओं की समस्याओं को सामने लाने का प्रयास है, जिनका भविष्य पेपर लीक, परीक्षाओं की बढ़ती लागत और पारदर्शी भर्ती प्रणाली के अभाव से प्रभावित हो रहा है।
पार्टी नेताओं का मानना है कि इन छात्र सम्मेलनों के माध्यम से अभ्यर्थी भर्ती परीक्षाओं और पेपर लीक से जुड़े अपने अनुभव साझा कर सकेंगे, जिससे इस मुद्दे पर व्यापक जनचर्चा को बल मिलेगा।
अशोक गहलोत ने क्या कहा?
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री Ashok Gehlot ने इस अभियान को लेकर कहा कि राहुल गांधी इन महारैलियों के जरिए देशभर के छात्रों को एकजुट करने का काम करेंगे। उनके अनुसार, यह आंदोलन युवाओं की आवाज को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से उठाने का मंच बनेगा।















