आम आदमी पार्टी (AAP) में हाल के दिनों में हुए बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के बीच राज्यसभा सांसद संजय सिंह का एक बयान चर्चा में आ गया है। पार्टी के कई नेताओं के अलग होने के बाद यह सवाल उठने लगा था कि क्या संजय सिंह भी किसी दूसरे दल का रुख कर सकते हैं। खासकर समाजवादी पार्टी में जाने की अटकलों पर अब उन्होंने खुद अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है।
सपा में जाने के सवाल पर क्या बोले संजय सिंह?
एक बातचीत के दौरान जब संजय सिंह से पूछा गया कि क्या भविष्य में वह अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी में शामिल हो सकते हैं, तो उन्होंने साफ तौर पर कहा कि आम आदमी पार्टी ही उनके लिए सबसे बेहतर राजनीतिक मंच है।
उन्होंने बताया कि पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने उन पर भरोसा जताते हुए उन्हें दो बार राज्यसभा भेजा है। यही वजह है कि उनकी निष्ठा और प्रतिबद्धता पार्टी के प्रति बनी हुई है।
“AAP मेरा परिवार है”
संजय सिंह ने कहा कि आम आदमी पार्टी के नेताओं के साथ उनके केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि पारिवारिक संबंध भी हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी के साथ उनका रिश्ता बेहद मजबूत है और वह इसे छोड़ने के बारे में नहीं सोच रहे हैं।
हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के साथ उनके व्यक्तिगत संबंध अच्छे हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वह पार्टी बदलने जा रहे हैं।
पार्टी छोड़ने की अटकलों पर लगाया विराम
आम आदमी पार्टी की उत्तर प्रदेश इकाई ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर संजय सिंह का बयान साझा किया। पोस्ट में कहा गया, “जिस पार्टी को बनाया, जिसे आगे बढ़ाने के लिए दिन-रात मेहनत की, उसके प्रति मेरी निष्ठा अडिग है. आम आदमी पार्टी मेरा परिवार है. मैं पूरी ईमानदारी से अपने दल के साथ हूं और उसी के लिए काम करता रहूंगा. हम हर विपरीत परिस्थिति में और मज़बूती से लड़ेंगे.”
इस बयान को पार्टी के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के तौर पर देखा जा रहा है।
“AAP सिर्फ पार्टी नहीं, एक विचारधारा है”
संजय सिंह ने आम आदमी पार्टी की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा, “आम आदमी पार्टी सिर्फ एक दल नहीं, एक विचारधारा है. दिल्ली में बिजली-पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में हमने जो क्रांति की, वही काम भगवंत मान जी की सरकार पंजाब में कर रही है. हम हर डर और चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं, क्योंकि हमारा एकमात्र लक्ष्य जनसेवा है.”
उन्होंने कहा कि राजनीतिक चुनौतियां आती-जाती रहती हैं, लेकिन पार्टी का लक्ष्य जनता के लिए काम करना है और उसी दिशा में उनका संघर्ष जारी रहेगा।
सात सांसदों के जाने के बाद बढ़ी थी चर्चा
हाल ही में आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका तब लगा जब उसके सात राज्यसभा सांसद पार्टी छोड़कर दूसरे राजनीतिक खेमे में चले गए। इसके बाद पार्टी के पास केवल तीन राज्यसभा सांसद बचे हैं, जिनमें संजय सिंह भी शामिल हैं।
इसी घटनाक्रम के बाद उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थीं। हालांकि अब उनके ताजा बयान ने साफ कर दिया है कि फिलहाल वह आम आदमी पार्टी छोड़ने के मूड में नहीं हैं और पार्टी के साथ मजबूती से खड़े हैं।















