18 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर संभावित पाबंदी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार की इस पहल पर सवाल उठाते हुए इसके पीछे किसी अन्य उद्देश्य की संभावना जताई है। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने वर्षों तक मेनस्ट्रीम मीडिया और WhatsApp के जरिए नैरेटिव को नियंत्रित किया, लेकिन Instagram उनके लिए एक अलग तरह का मैदान बन गया है।
Instagram पर Gen Z के इस्तेमाल का किया जिक्र
अभिजीत दीपके ने कहा कि Gen Z ने Instagram का इस्तेमाल राजनीतिक प्रोपेगैंडा पर सवाल उठाने, उसका मजाक उड़ाने और उसे चुनौती देने के लिए किया है। उनके मुताबिक इसे नियंत्रित करना काफी मुश्किल है और अब Gen Alpha भी ऑनलाइन दुनिया में बड़ा हो रहा है।
उन्होंने कहा कि ऑनलाइन सुरक्षा के नाम पर नाबालिगों पर पाबंदियां कागज पर सही लग सकती हैं, लेकिन यह सवाल पूछना भी जायज है कि क्या इसके पीछे कोई और मकसद है।
क्या बोले अभिजीत दीपके
CJP नेता ने कहा कि Gen Alpha को वह करने से रोकने की कोशिश की जा रही है, जो Gen Z ने किया था। उन्होंने आगे कहा कि यहां तक कि 15-16 साल के बच्चे भी खुलेआम प्रधानमंत्री और सत्ता में बैठे लोगों का मजाक उड़ा रहे हैं।
दीपके ने कहा कि अगर केंद्र सरकार वास्तव में ऑनलाइन युवाओं की सुरक्षा को लेकर चिंतित है, तो उसे इंटरनेट को उनके लिए सुरक्षित बनाने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसकी शुरुआत उन अकाउंट्स पर सख्त कार्रवाई से होनी चाहिए, जो ऑनलाइन लड़कियों को परेशान करते हैं और उनके साथ बदसलूकी करते हैं।
‘वे बुरी तरह डरे हुए हैं’- दीपके
कॉकरोच नेता ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वे बुरी तरह डरे हुए हैं। सरकार के कहने पर Meta सरकार की आलोचना करने वाले कंटेंट को हटा रहा है। सिस्टम की नाकामियों को उजागर करने वाले कई कंटेंट क्रिएटर्स के अकाउंट भी हटाए जा रहे हैं इसलिए मुझे यह फैसला बच्चों की सुरक्षा से ज़्यादा पिछले 12 सालों में सुप्रीम लीडर की जो छवि बहुत सोच-समझकर बनाई गई है, उसे बचाने की कोशिश ज्यादा लगती है।
नाबालिगों के Social Media Accounts पर पाबंदी की तैयारी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्र सरकार जल्द ही IT इंटरमीडियरी नियमों में बदलाव कर सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने नाबालिगों की सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तक पहुंच को लेकर चिंता जताई है। इसके बाद सरकार ने नाबालिगों के सोशल मीडिया अकाउंट पर पाबंदियों का समर्थन किया है।















