उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) ने अपनी संगठनात्मक तैयारियां तेज कर दी हैं। पीडीए (PDA) फॉर्मूले को मजबूत करने के साथ-साथ अब पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बूथ स्तर पर संगठन को विस्तार देने के लिए नया ‘Mission-50’ अभियान शुरू करने की रणनीति बनाई है। इस योजना के तहत राज्य के प्रत्येक मतदान बूथ पर कम से कम 50 नए सदस्यों को पार्टी से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
हर बूथ पर 50 नए सदस्य जोड़ने का लक्ष्य
समाजवादी पार्टी की योजना के अनुसार, पार्टी कार्यकर्ता और पदाधिकारी प्रत्येक मतदान केंद्र पर 50 नए सदस्यों को जोड़ने का अभियान चलाएंगे। पार्टी का मानना है कि बूथ स्तर पर मजबूत संगठन आगामी विधानसभा चुनाव में बेहतर चुनाव प्रबंधन और मतदाताओं तक प्रभावी पहुंच बनाने में मदद करेगा।
सपा का उद्देश्य अपने समर्थकों को संगठन से सीधे जोड़कर चुनावी नेटवर्क को और मजबूत करना है, ताकि 2027 के विधानसभा चुनाव में पार्टी की स्थिति और मजबूत हो सके।
करीबी मुकाबले वाली सीटों पर रहेगा विशेष फोकस
‘Mission-50’ के तहत समाजवादी पार्टी का विशेष ध्यान उन विधानसभा सीटों पर रहेगा, जहां पिछले चुनाव में जीत और हार का अंतर काफी कम था।
पार्टी का मानना है कि जिन सीटों पर मामूली वोटों के अंतर से हार मिली थी, वहां संगठन को मजबूत कर चुनावी परिणाम बदले जा सकते हैं। इसी रणनीति के तहत बूथ स्तर पर सदस्य संख्या बढ़ाने और कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
1.77 लाख बूथों तक पहुंचने की तैयारी
उत्तर प्रदेश में करीब 1.77 लाख मतदान बूथ हैं। यदि प्रत्येक बूथ पर 50 नए सदस्य जोड़ने का लक्ष्य पूरा होता है, तो समाजवादी पार्टी का संगठनात्मक ढांचा काफी मजबूत हो सकता है।
इसके अलावा पार्टी डिजिटल माध्यमों का भी सहारा ले रही है। नए सदस्यों को जोड़ने के लिए बूथ प्रभारी और बूथ प्रहरी मोबाइल एप की शुरुआत की गई है, जिनके जरिए सदस्यता अभियान को गति देने की कोशिश की जा रही है।
लोकसभा चुनाव की सफलता दोहराने की कोशिश
साल 2024 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए राज्य में सबसे अधिक सांसद जीतने वाली पार्टी के रूप में अपनी पहचान बनाई थी।
अब पार्टी इसी सफलता को 2027 के विधानसभा चुनाव में भी दोहराना चाहती है। सपा का मानना है कि यदि संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत किया जाए, तो विधानसभा चुनाव में इसका सीधा फायदा मिल सकता है।
घर-घर अभियान चलाकर बढ़ाया जाएगा जनसंपर्क
साल 2022 के विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की करीब 60 सीटों पर जीत और हार का अंतर लगभग 5,000 वोट के आसपास रहा था। समाजवादी पार्टी का मानना है कि इन सीटों पर संगठन को मजबूत बनाकर और अधिक लोगों को पार्टी से जोड़कर चुनावी परिणाम बदले जा सकते हैं।
‘Mission-50’ अभियान के तहत पार्टी घर-घर संपर्क अभियान भी चलाएगी। इसके जरिए नए सदस्यों को जोड़ने के साथ-साथ मतदान के दिन चुनाव प्रबंधन और अन्य संगठनात्मक जिम्मेदारियों के लिए भी तैयार किया जाएगा।














