उत्तर प्रदेश ने खाद्य प्रसंस्करण (Food Processing) और कृषि उत्पादन के क्षेत्र में देशभर में अपनी मजबूत स्थिति दर्ज कराई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लागू की गई नीतियों, कृषि संसाधनों की उपलब्धता और निवेश-अनुकूल माहौल के चलते प्रदेश इस क्षेत्र में लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की संख्या के मामले में यूपी अब देश में पहले स्थान पर पहुंच गया है, जबकि फल और सब्जियों की कई प्रमुख फसलों के उत्पादन में भी राज्य शीर्ष पर बना हुआ है।
3.5 लाख से ज्यादा फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स के साथ यूपी नंबर-1
प्रदेश में वर्तमान समय में 3,50,883 खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां संचालित हो रही हैं। इसी के साथ उत्तर प्रदेश ने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल जैसे बड़े राज्यों को पीछे छोड़ते हुए इस क्षेत्र में देश में पहला स्थान हासिल किया है।
आंकड़ों के अनुसार महाराष्ट्र में 2,29,372 और पश्चिम बंगाल में 3,22,590 खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां हैं। वहीं तमिलनाडु, कर्नाटक, बिहार, आंध्र प्रदेश, गुजरात, राजस्थान और तेलंगाना जैसे राज्यों की तुलना में भी उत्तर प्रदेश काफी आगे है। देशभर में कुल लगभग 24.59 लाख खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां संचालित हैं, जिनमें यूपी की हिस्सेदारी सबसे अधिक मानी जा रही है।
निवेश-अनुकूल माहौल से मिली उद्योग को रफ्तार
विशेषज्ञों के अनुसार प्रदेश में कृषि आधारित कच्चे माल की प्रचुर उपलब्धता, बेहतर बुनियादी ढांचा, मजबूत लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और निवेशकों के लिए अनुकूल नीतियों ने खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को तेजी से बढ़ावा दिया है।
कुशल और अर्धकुशल श्रमिकों की उपलब्धता भी इस क्षेत्र के विस्तार में अहम भूमिका निभा रही है। यही कारण है कि उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में देश के प्रमुख केंद्रों में शामिल हो चुका है।
रोजगार सृजन में भी अहम योगदान
खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के विस्तार का असर रोजगार के क्षेत्र में भी देखने को मिल रहा है। प्रदेश में इस सेक्टर से जुड़े उद्योगों के माध्यम से लाखों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर प्राप्त हो रहे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, रोजगार के क्षेत्र में 2.5 लाख से अधिक श्रमिक इस उद्योग से जुड़े हुए हैं। कुल खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी लगभग 14 से 15 प्रतिशत तक बताई जा रही है, जो देश में सबसे ज्यादा है।
दूध, गन्ना और सब्जी उत्पादन में भी अग्रणी
उत्तर प्रदेश पहले से ही दूध, गन्ना और सब्जियों के उत्पादन में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। कृषि क्षेत्र की यही मजबूती खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को पर्याप्त मात्रा में कच्चा माल उपलब्ध कराती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि कृषि और उद्योग के इस मजबूत तालमेल ने प्रदेश को खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मदद की है।
9 फसलों के उत्पादन में देश में पहला स्थान
फल और सब्जियों के उत्पादन में भी उत्तर प्रदेश का दबदबा कायम है। राज्य आम, अमरूद, आलू, मटर, लौकी, सिंघाड़ा, तरबूज, खरबूजा और शिमला मिर्च के उत्पादन में देश में पहले स्थान पर है।
देश में कुल 336.21 लाख मीट्रिक टन आम उत्पादन में से 61.94 लाख मीट्रिक टन आम अकेले उत्तर प्रदेश में पैदा होता है। वहीं अमरूद उत्पादन में भी प्रदेश अग्रणी है और देश के कुल 50.23 लाख मीट्रिक टन उत्पादन में से 11.49 लाख मीट्रिक टन योगदान यूपी का है।
आलू और मटर उत्पादन में सबसे बड़ी हिस्सेदारी
आलू उत्पादन के मामले में उत्तर प्रदेश की स्थिति सबसे मजबूत है। देश में कुल 598.89 लाख मीट्रिक टन आलू उत्पादन में से 250.66 लाख मीट्रिक टन उत्पादन प्रदेश में होता है।
इसी तरह मटर उत्पादन में भी यूपी का योगदान सबसे अधिक है। देश में 72.38 लाख मीट्रिक टन मटर उत्पादन में से 37.62 लाख मीट्रिक टन उत्पादन उत्तर प्रदेश में किया जाता है।
लौकी, तरबूज और खरबूजा उत्पादन में भी अव्वल
लौकी उत्पादन में उत्तर प्रदेश देश में पहले स्थान पर है। राष्ट्रीय स्तर पर 41.98 लाख मीट्रिक टन लौकी उत्पादन में से 7.53 लाख मीट्रिक टन उत्पादन यूपी में होता है।
तरबूज उत्पादन में देश के कुल 45.63 लाख मीट्रिक टन उत्पादन में से 9.28 लाख मीट्रिक टन हिस्सा उत्तर प्रदेश का है। वहीं खरबूजा उत्पादन में भी प्रदेश 7.73 लाख मीट्रिक टन उत्पादन के साथ शीर्ष स्थान पर बना हुआ है।
फल और सब्जी उत्पादन में बड़ी हिस्सेदारी
देशभर में होने वाले 1214.75 लाख मीट्रिक टन फल उत्पादन में उत्तर प्रदेश का योगदान 175.42 लाख मीट्रिक टन है, जो कुल उत्पादन का 14.44 प्रतिशत है।
वहीं सब्जियों के उत्पादन में भी प्रदेश की हिस्सेदारी बेहद महत्वपूर्ण है। देश में कुल 2210 लाख मीट्रिक टन सब्जी उत्पादन में से 435.93 लाख मीट्रिक टन उत्पादन अकेले उत्तर प्रदेश में होता है, जो राष्ट्रीय उत्पादन का 19.73 प्रतिशत है।
कृषि और उद्योग का मजबूत मॉडल बना यूपी
विशेषज्ञों का मानना है कि कृषि उत्पादन, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग, निवेश और रोजगार के बीच बेहतर समन्वय ने उत्तर प्रदेश को देश की सबसे मजबूत कृषि-आधारित अर्थव्यवस्थाओं में शामिल कर दिया है। आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र में और निवेश तथा रोजगार बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।















