Bihar Assembly Elections 2025: बिहार विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, सियासी माहौल गर्माता जा रहा है। चुनावी रैलियों में नेताओं के बयान भी सुर्खियां बटोर रहे हैं। इसी बीच AIMIM सुप्रीमो असदुद्दीन ओवैसी ने गोपालगंज में एक जनसभा को संबोधित करते हुए बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा,
“अगर मल्लाह का बेटा उपमुख्यमंत्री बन सकता है तो आजम का बेटा भी मुख्यमंत्री बनेगा, इंशाल्लाह।”
गोपालगंज में ओवैसी की रैली, विकास को लेकर की अपील
ओवैसी ने कहा कि 6 नवंबर को मतदान का दिन है और जनता अगर विकास चाहती है, तो AIMIM उम्मीदवार को समर्थन दे। उन्होंने कहा कि गोपालगंज के नौजवानों को रोजगार चाहिए, किसानों को सिंचाई की सुविधा और आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं चाहिए।
उन्होंने कहा,
“किसान बिजली और पानी की कमी से जूझ रहे हैं। यही असली मुद्दे हैं, जिन पर एक सच्चा विधायक काम करेगा।”
ओवैसी ने बताया कि उनकी पार्टी ने अनस सलाम को उम्मीदवार बनाया है, जो जनता की समस्याओं को गहराई से समझते हैं और उनके समाधान के लिए प्रतिबद्ध हैं।
क्या हमारे समुदाय के युवा काबिल नहीं?
AIMIM प्रमुख ने अपने भाषण में कहा कि बिहार में अल्पसंख्यक समुदाय की आबादी 17 फीसदी के करीब है, लेकिन राजनीतिक प्रतिनिधित्व में अब भी असमानता बनी हुई है। उन्होंने सवाल उठाया,
“क्या हमारे समाज के बच्चे काबिल नहीं हैं? क्या वे मुख्यमंत्री या मंत्री नहीं बन सकते? जब 3 प्रतिशत आबादी वाले समुदाय का बेटा उपमुख्यमंत्री बन सकता है, तो हमारे बच्चों को यह अधिकार क्यों नहीं?”
गठबंधन में जगह नहीं मिली, अब अकेले मैदान में
ओवैसी ने कहा कि उन्होंने कई राजनीतिक दलों से गठबंधन में शामिल होने की इच्छा जताई थी, लेकिन किसी ने AIMIM को साथ नहीं लिया।
“अब हमने अपना गठबंधन खुद बनाया है और चुनाव स्वतंत्र रूप से लड़ रहे हैं। अगर हमें अलग किया गया, तो इसकी जिम्मेदारी भी उनकी होगी,”
उन्होंने कहा।
उन्होंने वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने यह साबित किया है कि “अगर मल्लाह का बेटा उपमुख्यमंत्री बन सकता है, तो आजम का बेटा भी मुख्यमंत्री बनेगा, इंशाल्लाह।”
गरीबों और किसानों तक नहीं पहुंच रहा विकास
ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा,
“दोनों नेता बड़े-बड़े दावे करते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि गरीबों और किसानों को उसका फायदा नहीं मिलता।”
उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय, खासकर मुसलमान आज भी गरीबी का शिकार हैं और सरकारी योजनाओं का लाभ उन तक पूरी तरह नहीं पहुंच रहा।
6 नवंबर को मतदान की अपील
ओवैसी ने अपने भाषण के अंत में कहा,
“मैं आपसे अपील करता हूं कि 6 तारीख को मजलिस के निशान — पतंग — पर बटन दबाकर अपने भविष्य का फैसला करें।”
उन्होंने कहा कि अब वक्त आ गया है कि लोग अपने अधिकारों के लिए जागरूक हों और ऐसे प्रतिनिधियों को चुनें जो वास्तव में उनके मुद्दों पर काम करें।











