देशभर में छंटनी की खबरों के बीच अब रोजगार के मोर्चे पर एक अच्छी खबर आई है। टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स (Tata Electronics) तमिलनाडु में स्थित अपनी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी में कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की तैयारी में जुटी है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी की इस हायरिंग के बाद होसुर प्लांट में कर्मचारियों की संख्या 60,000 से बढ़कर 75,000 हो जाएगी। यानी कि इससे साफ है कि 15,000 नए कर्मचारियों को काम पर रखने की तैयारी चल रही है।
हायरिंग का कारण: एप्पल की बढ़ती डिमांड
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स में इतने बड़े स्तर पर लोगों की हायरिंग की मुख्य वजह आईफोन बनाने वाली कंपनी एप्पल (Apple) की बढ़ती डिमांड को पूरा करना है।
- उत्पादन का दायरा: काम में तेजी लाने के लिए और भी लोगों को यूनिट में लगाए जाने का प्लान बनाया जा रहा है। टाटा का लक्ष्य भारत में एप्पल की सबसे बड़ी कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर फॉक्सकॉन के बराबर कर्मचारियों को रखना है।
- होसुर प्लांट: टाटा के इस होसुर प्लांट में आईफोन के कई पार्ट्स असेंबल किए जाते हैं। पहले यहां आईफोन के केस या कवर बनाए जाते थे।
देश में बढ़ रहा एप्पल का प्रोडक्शन
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स देश में एप्पल के बढ़ते प्रोडक्शन की वजह से इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज को बढ़ाने पर जोर दे रहा है।
- रिकॉर्ड एक्सपोर्ट: अक्टूबर में आई ET की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत से एप्पल आईफोन का एक्सपोर्ट मौजूदा फाइनेंशियल ईयर के पहले छह महीनों में रिकॉर्ड 10 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है, जो पिछले साल की समान अवधि के 5.71 बिलियन डॉलर से 75 परसेंट ज्यादा है।
काबिल वर्कर ढूंढने में हो रही मुश्किल
इस तेजी के बावजूद, कंपनी को काबिल वर्कर ढूंढने में मुश्किल साबित हो रही है। सूत्रों ने कहा, “टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स को काफी स्किल्ड मैनपावर ढूंढने में मुश्किल हो रही है। जैसे-जैसे स्केल बड़ा होता जा रहा है, वे यह समझ रहे हैं कि उन्हें मैनपावर, पानी, बिजली जैसे दूसरे फैक्टर्स को लेकर ज्यादा सोचना होगा।” यह इंगित करता है कि कंपनी के लिए सबसे बड़ी चुनौती अब टैलेंट को सुलझाना है, जबकि कस्टमर ट्रैक्शन मजबूत है।














