नई दिल्ली: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस आज (रविवार, 28 दिसंबर) अपना 140वां स्थापना दिवस मना रही है। इस ऐतिहासिक मौके पर पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इंदिरा भवन में ध्वजारोहण किया। कार्यक्रम में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत पार्टी के कई दिग्गज नेता मौजूद रहे। इस दौरान अपने संबोधन में खरगे ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला और देश के मौजूदा हालात पर चिंता जताई।
‘संस्थाओं को कमजोर कर रही सरकार’
मल्लिकार्जुन खरगे ने अपने भाषण में सीधा आरोप लगाया कि केंद्र सरकार संवैधानिक संस्थाओं और जन अधिकारों को कमजोर कर रही है। उन्होंने कहा, “आज संविधान और लोकतंत्र खतरे में है.” खरगे ने कहा कि कांग्रेस का इतिहास देश के हर वर्ग को साथ लेकर चलने का रहा है। उन्होंने कहा कि कई देश भारत के साथ आजाद हुए, लेकिन वहां लोकतंत्र नहीं बच पाया, जबकि भारत में लोकतंत्र आज भी जीवित है, जिसका श्रेय कांग्रेस और उसके संस्थापकों को जाता है।
UPA के दौर को बताया अधिकारों का ‘स्वर्ण काल’
मोदी सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए खरगे ने यूपीए (UPA) सरकार के कार्यकाल को याद किया। उन्होंने कहा कि जब सोनिया गांधी अध्यक्ष थीं और डॉ. मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे, तब आम जनता के अधिकारों को सुरक्षा दी गई।
- अधिकारों की सूची: खरगे ने RTI (सूचना का अधिकार), RTE (शिक्षा का अधिकार), खाद्य सुरक्षा कानून, वन अधिकार और भूमि अधिग्रहण कानून का जिक्र किया।
- मनरेगा पर वार: उन्होंने विशेष रूप से कहा कि यूपीए ने जो ‘मनरेगा’ दिया था, बीजेपी सरकार ने उसे नष्ट कर दिया है।
‘आरएसएस-बीजेपी ने तिरंगे को नहीं स्वीकारा था’
खरगे ने विचारधारा की लड़ाई को धार देते हुए आरएसएस और बीजेपी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, “पिछले 11 सालों में मोदी सरकार ने कांग्रेस की तरफ से बनाए गए संस्थानों को कमजोर किया. आरएसएस और बीजेपी नेताओं ने देश के संविधान, तिरंगा झंडा और वंदे मातरम को स्वीकार नहीं किया.” उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि आज देश में ‘जल, जंगल और जमीन’ तीनों खतरे में हैं और जनता के अधिकार छीने जा रहे हैं।
62 साल के संघर्ष को किया याद
कांग्रेस अध्यक्ष ने आजादी की लड़ाई में कांग्रेस के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि 62 सालों तक करोड़ों कांग्रेसियों ने संघर्ष किया और जेल गए, तब जाकर हमें आजादी मिली। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कांग्रेस उस भारत के लिए काम करती रहेगी, जिसका सपना स्वतंत्रता सेनानियों ने देखा था।














