अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ा बयान दिया है। रविवार (19 अप्रैल, 2026) को उन्होंने साफ कहा कि अब ईरान के प्रति किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी। ट्रंप के मुताबिक, अगर ईरान ने समझौता नहीं किया तो अमेरिका जरूरी कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने कहा कि अब वह समय आ गया है जब ईरान की “किलिंग मशीन” को खत्म किया जाना चाहिए।
ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर दी बड़ी चेतावनी
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट साझा करते हुए ईरान पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, ‘ईरान ने कल शनिवार (18 अप्रैल) को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में गोलियां चलाई. यह हमारे बीच हुए सीजफायर समझौते का पूरी तरह से उल्लंघन है! इनसे में कई गोलियां एक फ्रांसीसी जहाज और UK के एक मालवाहक जहाज (Freighter) की ओर दागी गई थीं. यह ठीक नहीं था, है न?’
इसी पोस्ट में ट्रंप ने यह भी जानकारी दी कि उनका प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के लिए रवाना हो रहा है। उन्होंने कहा, ‘मेरे प्रतिनिधि पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद जा रहे हैं, वे कल सोमवार (20 अप्रैल, 2026) की शाम तक वहां बातचीत के लिए पहुंच जाएंगे.’
होर्मुज स्ट्रेट पर बयान, ईरान को ही नुकसान का दावा
ट्रंप ने ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की घोषणा पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, ‘ईरान ने हाल ही में घोषणा की थी कि वह इस होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर रहा है, जो बहुत ही अजीब बात है, क्योंकि हमारी नाकाबंदी पहले ही इसे बंद कर चुकी है. वे बिना कुछ जाने हमारी मदद कर रहे हैं और इस बंद रास्ते से सबसे ज्यादा हर दिन 500 मिलियन डॉलर का नुकसान उन्हीं का हो रहा है! अमेरिका को इससे कोई नुकसान नहीं हो रहा है.’
उन्होंने आगे कहा कि कई जहाज अब अमेरिका के टेक्सास, लुइसियाना और अलास्का की ओर रुख कर रहे हैं, जहां वे लोडिंग करेंगे। इसके लिए उन्होंने IRGC को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि वह हमेशा ताकतवर दिखने की कोशिश करता है।
‘निष्पक्ष समझौता’ या कड़ी कार्रवाई—ट्रंप का अल्टीमेटम
ट्रंप ने अपने बयान में दो टूक कहा कि अमेरिका एक संतुलित और उचित समझौते का प्रस्ताव दे रहा है। उन्होंने कहा, ‘हम एक बहुत ही निष्पक्ष और सही समझौता पेश कर रहे हैं और मुझे उम्मीद है कि वे इसे स्वीकार करेंगे, क्योंकि अगर उन्होंने ऐसा नहीं किया तो अमेरिका ईरान के हर एक पॉवर प्लांट और पुल को तबाह कर देगा. अब और नरमी नहीं बरती जाएगी! वे जल्दी और आसानी से झुक जाएंगे और अगर उन्होंने समझौता नहीं किया तो जो करना जरूरी है, उसे करना मेरे लिए सम्मान की बात होगी, जो पिछले 47 सालों में अन्य राष्ट्रपतियों को करना चाहिए था. अब समय आ गया है कि ईरान की किलिंग मशीन का अंत हो!’
इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है, खासकर ऐसे समय में जब क्षेत्र पहले से ही संवेदनशील स्थिति में है।














