लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने महिला आरक्षण बिल के गिरने को गंभीर मुद्दा बताते हुए इसे ऐतिहासिक संदर्भ से जोड़ दिया। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गरमा गया है।
‘महिला आरक्षण बिल गिरना चीर हरण जैसा है’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘महिला आरक्षण बिल गिरना चीर हरण जैसा है.’ उन्होंने आगे कहा, ‘हम कह सकते हैं कि आधी आबादी के मन में विपक्ष के नारी विरोधी आचरण के बारे में भारी आक्रोश है. ये आक्रोश कांग्रेस, राजद, TMC, DMK, सपा और अन्य दलों के खिलाफ देखने को मिल रहा है जो इस पाप के भागीदार थे.’
उन्होंने दोहराया, ‘हम कह सकते हैं आधी आबादी के मन मे विपक्ष के आचरण के बारे में आक्रोश है. ये आक्रोश इंडिया गठबंधन के सहयोगी दल जो इस पाप में भागीदार थे उनके प्रति देखने को मिल रहा है.’
‘भरी सभा में द्रोपदी के चीर हरण जैसा दृश्य’
सीएम योगी ने वर्ष 2023 में पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम का जिक्र करते हुए कहा कि जब इसके क्रियान्वयन को लेकर चर्चा हुई, तब जो घटनाक्रम सामने आया वह बेहद चिंताजनक था। उन्होंने कहा, ‘जब बात चर्चा में आई दक्षिण में हक कम न हो तो ये स्पष्ट किया कि 2011 में जनगणना हुई उसके तहत अनुपात में बढ़ेगा लेकिन जो दृश्य दिखा वो भरी सभा में द्रोपदी के चीर हरण का दृश्य था.’
इंडिया गठबंधन से माफी की मांग
मुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान निर्माण के समय भी धर्म के आधार पर आरक्षण देने का प्रस्ताव आया था, लेकिन तब सभी पक्षों ने मिलकर इसका विरोध किया था। उन्होंने विपक्षी दलों से माफी की मांग करते हुए कहा कि आधी आबादी को उनके रुख से ठेस पहुंची है।
‘ट्रिपल तलाक कानून का भी किया गया विरोध’
सीएम योगी ने कहा, ‘जब प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रिपल तलाक पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया तब ट्रिपल तलाक के खिलाफ बनाए गए कानून का भी कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के अन्य सहयोगियों ने विरोध किया था.’ उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस को लंबे समय तक सत्ता में रहने का मौका मिला, लेकिन वह महिलाओं, गरीबों, युवाओं और किसानों के लिए प्रभावी योजनाएं लागू नहीं कर सकी।
उन्होंने अंत में कहा कि नारी शक्ति के सशक्तिकरण के लिए एनडीए हर संभव कदम के साथ खड़ा है।














